2014 में कब किस लग्‍नवालों के हाथो में लगेगी मेहंदी …. किस लग्‍नवाले माथे पे सजेगा सेहरा ?

‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ के हिसाब से विवाहित पति पत्‍नी के परस्‍पर संबंधों को प्रगाढ बनाने , युवक और युवतियों के मध्‍य प्रेम प्रसंगों का सुदृढ बनाने तथा विवाह के योग उपस्थित करने में स्‍थैतिक ग्रहों की भूमिका होती है। इस दृष्टि से देखा जाए तो इस वर्ष सभी लग्‍नवालों के ऐसे योग इन दिनों में होंगे …..

मेष लग्‍नवालों के लिए … वर्ष 2013 में सबसे पहले बुध ग्रह 6 नवंबर से 19 नवंबर तक आसमान में स्‍थैतिक ऊर्जा संपन्‍न रहेगा , यह वैवाहिक मामलों में सक्रियता और गंभीरता देगा , दूसरा योग शुक्र ग्रह के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍न होने के कारण 24 अक्‍तूबर से 24 दिसंबर 2013 तक तथा 28 जनवरी से 27 मार्च 2014 तक बनेगी , तीसरा योग शनि के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍न होने से 2014 में 8 फरवरी से 2 मार्च तथा 19 जुलाई से 11 अगस्‍त के मध्‍य बनता है , इस तरह कुल मिलाकर मेष लग्‍न वालों के विवाह की संभावना इस वर्ष बहुत ही अधिक है , कुंडली में कोई बडा दुर्योग होने से ही इस वर्ष विवाह न होने का दबाब इन लग्‍नवालों को झेलना होगा।

वृष लग्‍नवालों के लिए … मंगल के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍न बने रहने के कारण 25 दिसंबर 2013 से 2 मार्च 2014 के मध्‍य तथा 26 मई से 23 जुलाई 2014 के मध्‍य वैवाहिक सुखद संयोग की संभावना बनती है , 2 मार्च से 26 मई के मध्‍य विवाह में कुछ बाधाएं उपस्थित होंगी , खासकर 9 अप्रैल के आसपास तो किंकर्तब्‍यविमूढता की स्थिति बनी रहेगी।

मिथुन लग्‍नवालों के लिए … बृहस्‍पति के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍न होने से 13 अक्‍तूबर से 4 नवंबर 2013 तथा 6 मार्च से 7 अप्रैल 2014 तक इनके विवाह की संभावना बनती है , साथ ही शुक्र के 24 अक्‍तूबर से 24 दिसंबर 2013 तक तथा 28 जनवरी से 27 मार्च 2014 तक स्‍थैतिक ऊर्जा संपन्‍न बने होने के कारण इस दौरान भी विवाह कार्य संपन्‍न होने की संभावना रहेगी , हां जनवरी 2014 के मध्‍य का समय कुछ क्रिकर्तब्‍यविमूढावस्‍था का हो सकता है

कर्क लग्‍नवालों के विवाह के लिए … 8 फरवरी से 2 मार्च तथा 19 जुलाई से 11 अगस्‍त 2014 तक का समय शनि के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍नता का है , इसलिए इस वक्‍त उनके विवाह से संबंधित क्रियाकलापों के आगे बढने की संभावना है , मार्च और अप्रैल में शुक्र की स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍नता इनके वैवाहिक कार्यक्रमों को सकारात्‍मक स्‍वरूप दे सकती है। पर मई 2014 के मध्‍य का समय इनके लिए अच्‍छा नहीं रहेगा।

सिंह लग्‍नवालों के लिए … सबसे पहले तो 1 फरवरी से 18 मार्च के मध्‍य बुध ग्रह की स्‍थैतिक क्षमता इनके विवाह के लिए अच्‍छा योग बना सकती है , इसके अलावे 8 फरवरी से 2 मार्च तथा 19 जुलाई से 11 अगस्‍त 2014 तक का समय शनि के स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍नता का है , इसलिए इस वक्‍त उनके विवाह से संबंधित क्रियाकलापों के आगे बढने की संभावना है।पर मई 2014 के मध्‍य का समय इनके लिए अच्‍छा नहीं रहेगा।

कन्‍या लग्‍नवालों के लिए … 13 अक्‍तूबर से 4 नवंबर 2013 तथा 6 मार्च से 7 अप्रैल 2014 को बृहस्‍पति की स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍नता इनके विवाह के लिए मनोनुकूल माहौल तैयार कर सकती है , दिसंबर और जनवरी का समय इनके लिए काफी मनोनुकूल नहीं रह सकता है।

तुला लग्‍न वालों के लिए … 25 दिसंबर 2013 से 2 मार्च 2014 तक तथा 26 मई से 23 जुलाई 2014 तक मंगल कं स्‍थैतिक शक्ति संपन्‍न होने की वजह से इनके वैवाहिक मामलों का कार्यक्रम इस वक्‍त रहने की उम्‍मीद है , मार्च और अप्रैल का समय वैसा मनोनुकूल नहीं होगा।

वृश्चिक लग्‍न वालों के लिए ….शुक्र के 24 अक्‍तूबर से 24 दिसंबर 2013 तक तथा 28 जनवरी से 27 मार्च 2014 तक स्‍थैतिक ऊर्जा संपन्‍न बने होने के कारण इस दौरान भी विवाह कार्य संपन्‍न होने की संभावना रहेगी , हां जनवरी 2014 के मध्‍य का समय कुछ क्रिकर्तब्‍यविमूढावस्‍था का हो सकता है

धनु लग्‍नवालों के लिए … 13 अक्‍तूबर से 4 नवंबर 2013 तथा 6 मार्च से 7 अप्रैल 2014 को बृहस्‍पति की गत्‍यात्‍मक शक्ति संपनन्‍ता विवाह के योग बना सकती है , इसके अलावे 6 अक्‍तूबर से 19 नवंबर 2013 , 1 फरवरी से 18 मार्च 2014 तथा 24 मई से 14 जुलाई 2014 तक बुध के गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍न होने की वजह से भी कोई सुखद संयोग इस समय बन सकता है।

मकर लग्‍वालों के लिए … जुलाई से सितंबर 2013 तक ही कई ग्रहों के कारण विवाह के योग थे , आगे बहुत छोटी संभावनाएं दिखती हैं।

कुंभ लग्‍नवालों के लिए … 25 दिसंबर से 2 मार्च 2013 तथा 26 मई से 23 जुलाई 2014 को मंगल की गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍नता इनके वैवाहिक मामलों में सहयोगी सिद्ध हो सकती है , मार्च और अप्रैल खास निराशाजनक माह हो सकते हैं।

मीन लग्‍न वालों के लिए … 25 दिसंबर से 2 मार्च 2013 तथा 26 मई से 23 जुलाई 2014 को मंगल की गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍नता इनके वैवाहिक मामलों में सहयोगी सिद्ध हो सकती है , इसके अलावे 6 अक्‍तूबर से 19 नवंबर 2013 , 1 फरवरी से 18 मार्च 2014 तथा 24 मई से 14 जुलाई 2014 तक बुध के गत्‍यात्‍मक शक्ति संपन्‍न होने की वजह से भी कोई सुखद संयोग इस समय बन सकता है।

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दुनिया भर में कैसा रहेगा 2014 का मौसम ??

दुनिया भर के वैज्ञानिक क्‍या आमजन भी शायद ही इस बात पर विश्‍वास कर सकें कि पृथ्‍वी का मौसम आसमान में स्थित ग्रहों से प्रभावित होता है। हालांकि आरंभ से ही परंपरागत ज्‍योतिष में माना जाता है कि विश्‍व के मौसम को प्रभावित करने में आसमान में स्थिति ग्रहों नक्षत्रों की खास भूमिका होती है, सूर्य की स्थिति और गति का मौसम पर प्रभाव को हम स्‍पष्‍ट देखते हैं , सूर्य के उत्‍तरायण और दक्षिणायन होते ही दोनो गोलार्द्धों का मौसम परिवर्तित हो जाता है , हर स्‍थान पर उसके उदय और अस्‍त होते ही तापमान बदल जाता है। पर सूर्य का प्रभाव हमें आंखों से दिख जाता है और अन्‍य ग्रहों का नहीं दिखता …..

और ज्‍योतिष में अन्‍य ग्रहों के सूत्र इतने प्रभावी न थे कि इस बात पर विश्‍वास किया जा सके कि ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसपर भरोसा कर सके। एक पर ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ को कुछ सूत्र ऐसे अवश्‍य मिले जिनकी बदौलत पूरी दुनिया को भरोसा दिलाया जा सकता है कि आसमान में बन रही ग्रह स्थिति का प्रभाव पूरी दुनिया के मौसम पर एक साथ पडता है , भले ही स्‍थानीय कारकों के कारण स्‍थानीय मौसम में परिवर्तन हो। हमने पूरे वर्ष 2014 के मौसम के बारे में इस लेख में लिखने की कोशिश की है , पाठकों से कहूंगी कि इसे ऐसी जगह रखें , ताकि इसमें हमेशा उनकी नजर पडती रहे , और साल के अंत में हमें टिप्‍पणी दे सकें , ताकि अगले वर्ष के मौसम की भविष्‍यवाणी में और सुधार लाया जा सके।

हमारे परंपरागत ज्‍योतिष में सूर्य के अलावा चार ग्रहों को शुभ माना जाता है , जो बृहस्‍पति , शुक्र , बुध और चंद्र हैं। इन चारो ग्रहों की खास स्थिति से मौसम में परिवर्तन की संभावना होती है। पर इससे स्‍पष्‍ट नहीं हो पाया कि किस हालत में अधिक बारिश या कम बारिश की संभावना रहेगी।  ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ को रिसर्च में जो तत्‍व मिले , उस आधार पर 2014 के ग्रहों के सापेक्ष इस वर्ष में मौसम के उतार चढाव की चर्चा कर रही हूं।

  1. 2014 में मौसम को प्रभावित करने वाला पहला ग्रहयोग 1 जनवरी से छह अप्रैल तक रहेगा , जिसकी शुरूआत सितंबर 2013 से ही हो चुकी है। वैसे तो इस योग को शुभ ग्रहों का योग कहते हैं , जिसकी बादल बनाने और बारिश करवाने में महत्‍यपूर्ण भूमिका है , पर पृथ्‍वी के अलग अलग भाग में वहां के स्‍थानीय मौसम के हिसाब से अलग अलग तरह की बातें होती हैं। जिस जगह गर्मी का मौसम हो , वहां हल्‍की फुल्‍की बारिश से मौसम को सुहावना बनाती है , जबकि सर्दी वाले जगहों पर बारिश से मौसम सर्द हो जाता है , तथा बारिश वाली जगहों पर अतिवृष्टि से बाढ की भी संभावना बनती है, बर्फ गिरनेवाली जगहों पर बर्फबारी भी होती है। इसलिए यह ग्रहयोग कहीं कष्‍टकर तो कहीं सुखद वातावरण बना देती है। यदि इस दौरान कुछ खास तिथियों की बात की जाए तो 13 से 16 जनवरी के बाद 9 से 13 फरवरी , 8 से 12 मार्च और 5 से 9 अप्रैल तक का वातावरण इस ग्रहयोग के लिए खास होगा। बीते जनवरी के प्रथम सप्‍ताह के बाद मार्च के प्रथम सप्‍ताह और अप्रैल के प्रथम सप्‍ताह में इस योग की क्रियाशीलता खास है।
  2. इसी प्रकार दूसरा ग्रहयोग 1 जनवरी से 1 अप्रैल तक बना रहेगा , जिसकी शुरूआत भी नवंबर 2013 से हुई है। इस ग्रहस्थिति की प्रकृति भी पहले बिंदू की तरह ही होगी , जो कहीं सुखद , कहीं कष्‍टकर वातावरण प्रदान कर सकती है। इस ग्रहयोग के कारण खास तिथियों की बात की जाए , तो 1 से 4 जनवरी के बाद 27 से 30 जनवरी , 24 से 27 फरवरी , 25 से 28 मार्च तक का वातावरण इस ग्रहस्थिति के लिए खास होगा। जनवरी के मध्‍य के बाद जनवरी के अंतिम सप्‍ताह और मार्च के अंतिम सप्‍ताह में इसकी क्रियाशीलता बढी होनी चाहिए।
  3. ऐसा ही तीसरा ग्रहयोग 31 जनवरी से 15 मार्च तक होने जा रहा है , इसकी प्रकृति भी पहले बिंदू की तरह ही होगी, जिससे कहीं कष्‍टकर तो कहीं सुखद माहौल बनेगा। इसकी तीव्रता फरवरी के दूसरे सप्‍ताह , फरवरी के अंतिम सप्‍ताह तथा मार्च के दूसरे सप्‍ताह में बनेगी , महत्‍वपूर्ण तिथियों पर ध्‍यान दिया जाए तो 1 से 3 फरवरी , 26 से 28 फरवरी और 27 से 30 मार्च तक का समय काफी महत्‍वपूर्ण होगा। हां इस दौरान 9 फरवरी से 26 फरवरी तक के समय में गर्मी वाले प्रदेशों में गर्मी तथा सर्दी वाले प्रदेशों में सर्दी अधिक पडने की संभावना है।

ऊपर के तीनो बिंदुओं के तिथियों को देखते हुए यह समझा जा सकता है कि दुनियाभर में इस वर्ष 1 जनवरी से 6 अप्रैल तक क्‍या , सितंबर 2013 के बाद ही हर जगह बादल बनने , बारिश होने , बर्फ गिरने और ठंड बढाने की मुख्‍य वजह ये तीनों ग्रहयोग हो सकते हैं। इस दौरान 4 से 7 फरवरी तथा 9 से 12 मार्च के मध्‍य चक्रवात बनने तथा तूफान आने का योग भी बन रहा है , यहां पर हमें प्रकृति का और भयावह स्‍वरूप देखने को मिल सकता है , जो सूनामी तक के लिए जिम्‍मेदार हो सकते हैं। पर 6 अप्रैल के बाद 24 मई तक किसी भी देश के मौसम में सूर्य के अलावा बाहरी ग्रहों का प्रभाव नहीं देखने को मिल रहा है , इसलिए उसके बाद की मौसम की स्थिति हर जगह सामान्‍य ही रहेगी।

  1. ऐसा ही चौथा योग 24 मई से 14 जुलाई तक बन रहा है , इसकी प्रकृति भी उपरोक्‍त बिंदुओं के हिसाब की ही है , जिसके कारण मौसम बिगडने की संभावना बनती है। मई के अंतिम सप्‍ताह , 7 या 8 जून तथा जून के तीसरे सप्‍ताह , 1 या 2 जुलाई तथा जुलाई के दूसरे सप्‍ताह में इसकी क्रियाशीलता बढी होनी चाहिए। इस योग के दौरान महत्‍वपूर्ण तिथियों की बात की जाए तो 30, 31 मई , 1, 2 जून तथा 26 से 29 जून होगी। इस दौरान 21 से 24 मई तथा 15 से 18 जुलाई को भी ग्रहस्थिति चक्रवात पैदा कर बडा तूफान लाने में समर्थ होगी। इस दौरान 10 जून से 29 जून के मध्‍य दुनिया में गर्मी वाले जगहों पर भीषण गर्मी तो ठंडी जगहों पर कडाके की ठंड पडती रहेगी। पर पुन: 14 जुलाई से 21 सितंबर के मध्‍य का मौसम हर जगह सामान्‍य रहेगा।
  2. ग्रहों के मेल से बनने वाला पांचवां योग 21 सितंबर से 2 नवंबर के मध्‍य बन रहा है। इसकी प्रकृति भी उपरोक्‍त बिंदुओं के हिसाब की ही है , जिसके कारण मौसम बिगडने की संभावना बनती है। सितंबर के तीसरे सप्‍ताह , अक्‍तूबर के पहले सप्‍ताह , अक्‍तूबर के मध्‍य अक्‍तूबर के तीसरे सप्‍ताह और नवंबर के अंतिम सप्‍ताह में इसकी कार्यशीलता बढी हुई होगी। इस दौरान की महत्‍वपूर्ण तिथियों की बात की जाए तो वो 26 से 29 सितंबर तथा 21 से 27 अक्‍तूबर होंगी। इस दौरान 12 से 18 सितंबर तथा 2 से 5 नवंबर तक की ग्रहस्थिति पुन: चक्रवात पैदा कर तूफान लाने में तथा जहां तहां बारिश करवाकर ठंड बढाने में समर्थ होगी। 7 अक्‍तूबर से 21 अक्‍तूबर तक का ग्रहयोग गर्मी के मौसम वाले जगहों पर में अत्‍यधिक गर्मी तथा जाडे के मौसम वाले जगहों पर अत्‍यधिक ठंड का अहसास कराता है।
  3. ग्रहों के मेल से 14 नवंबर से 31 दिसंबर तक एक और ग्रहयोग बन रहा है , जिसकी कियाशीलता मध्‍य नवंबर और 3 से 12 सितंबर के मध्‍य होगी। 12 , 13 , 14 नवंबर तथा 9 से 12 दिसंबर भी इसके प्रभाव की तिथियां हैं। इसकी वजह से भी वातावरण में नमी बनी रहेगी।

2014 के उपरोक्‍त योग के ग्रहों के प्रभाव से पूरी दुनिया में बादल बारिश , चक्रवात और तूफान के बडे बडे योग की चर्चा मैने तिथि के साथ की है। पर इस वर्ष इन शुभ ग्रहों के साथ साथ अशुभ ग्रहों को प्रभाव भी जनवरी से अगस्‍त तक मौजूद हैं , जो शुभ प्रभाव को खासकर बनने नहीं देते , इस कारण अतिवृष्टि और अनावृष्टि का योग देखने को मिलता रहेगा , जहां जरूरत है वहां बारिश न होकर जहां जरूरत नहीं है , वहां बारिश होगी , कुल मिलाकर इस बार प्रकृति किसी भी मौसम में हमारे अनुकूल नहीं रहेगी।

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अपने समय को जानने समझने की वैज्ञानिक पद्धति lagna rashifal 2014

पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन …………… मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।

आजकल बाजार में लगभग सभी पत्रिकाओं में राशी-फल की चर्चा रहती है, कुछ पत्रिकाओं में सूर्य-राशी के रुप में तथा कुछ में चंद्र-राशी के रुप में भविष्यफल का उल्लेख रहता है , किन्तु ये पूर्णतया अवैज्ञानिक होती हैं और व्यर्थ ही उसके जाल में लाखों लोग फंसे होते हैं। इसकी जगह लग्न-राशी फल निकालने से पाठकों को अत्यधिक लाभ पहुंच सकता है , क्योंकि जन्मसमय में लगभग दो घंटे का भी अंतर हो तो दो व्यक्ति के लग्न में परिवर्तन हो जाता है, जबकि चंद्रराशी के अंतर्गत ढाई दिन के अंदर तथा सूर्य राशी के अंतर्गत एक महीनें के अंदर जन्मलेनेवाले सभी व्यक्ति एक ही राशी में आ जाते हैं। लेकिन चूंकि पाठकों को अपने लग्न की जानकारी नहीं होती है, इसलिए ज्योतिषी लग्नफल की जगह राशी-फल निकालकर जनसाधारण के लिए सर्वसुलभ तो कर देते हें , पर इससे ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।

किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझसे संपर्क कर सकते हैं। उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।

इस वर्ष के 20 प्रकार की ग्रह स्थितियों को लकर मैने प्रत्‍येक लग्‍न वालों के लिए जो राशिफल तैयार किया है , उसके हिसाब से आप अपने कार्यक्रमों को अंजाम दे सकते हैं , जब किसी मामलों का बुरा समय हो तो आप उस काम को नहीं करेंगे , जब उन मामलों में समय अच्‍छा आएगा आप उस काम को कर सकते हैं , इसलिए यह लग्‍नफल आपको वर्ष भर गाइड कर सकता है , आप इस राशिफल से फायदा अवश्‍य उठाएं ।

लग्‍नराशिफल में से उनकी कुंडली के हिसाब से दो चार प्‍वाइंट्स को हरे और दो चार प्‍वाइंट्स को लाल रंग से अंडरलाइन करवा रही हूं , राशिफल को उनके लिए स्‍पेशल बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है , उनके लिए हरे रंग से अंडरलाइन्‍ड पंक्तियों का अर्थ सकारात्‍मक प्रभाव वाला तथा लाल रंग से अंडरलाइन्‍ड पंक्तियों का अर्थ ऋणात्‍मक प्रभाव वाला होगा , इसके अलावे दो अन्‍य ग्रहों के प्रभाव की चर्चा रहेगी , यह राशिफल उनके लिए बहुतउपयोगी होगा , इस व्‍यक्तिकृत लग्‍नराशिफल के लिए गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष को मात्र 150/- की सहयोग राशि देय है , इच्‍छुक ज्‍योतिषप्रेमी हमारे ईमेल gatyatmakjyotish@gmail.com पर संपर्क करें …….

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लग्‍न राशिफल 2014 के 12 पोस्‍ट … आपके फायदे के लिए किया गया एक अनूठा प्रयास lagna rashi fal 2014

कल मैने 2014 में बनने वाली सभी 20 ग्रहस्थिति को लेकर बारहों लग्‍न के लिए राशिफल के 12 पोस्‍ट लिख चुकी हूं । सभी लग्‍न वाले 2014 के अपने समय के बारे में इस राशिफल से लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं ,

मेष लग्‍न के एक सज्‍जन का फोन आया .. किसी शारीरिक समस्‍या को दूर करने के लिए उन्‍हें ऑपरेशन करवाना है .. वे पूछ रहे थे कि कौन सा समय उनके ऑपरेशन के लिए अच्‍छा रहेगा मैने उन्‍हें इस लिंक पर जाकर देखने को कहा कि मैेने 2014 के राशिफल में मेष लग्‍न के स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित क्‍या क्‍या बातें लिखी हैं , उन्‍होने मुझे 4 प्‍वाइंट्स चुनकर कॉपी पेस्‍ट करके दिए …

3. जनवरी और फरवरी 2014 में स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

7. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुरा वातावरण बना सकती हैं , कुछ समस्याएं मई के मध्य तक बनी रहेंगी! स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।

13. मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

15. जुलाई के मध्य से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। पर काम अधिक नहीं हो पाएगा ।

मैने उनसे कहा कि उपरोक्‍त चारो अनुच्‍छेद में आपके प्रश्‍न का जबाब छुपा हुआ है .. जनवरी और फरवरी में ऑपरेशन करवाया जा सकता है , क्‍योंकि मार्च के प्रथम सप्‍ताह से मई के प्रथम सप्‍ताह तक स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में समय कमजोर रहेगा , उस समय रिकवरी बहुत धीमी गति से होगी , या और कोई समस्‍या आएगी , मई मध्‍य से पुन: आप ऑपरेशन करवाने के लिए फ्री हैं , जुलाई मध्‍य से पूरे साल स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहेगा , चिंता की कोई बात नहीं … हमें परेशान करने की जरूरत नहीं … मेरे लग्‍न राशि फल पर विश्‍वास कीजिए और 2014 के ग्रहों के हिसाब से अपनी जीवनशैली को ढालिए …. इसे हल्‍के में मत लीजिए ….. हां यह बात और है कि कोई बडी समस्‍या हो तो हमारी सलाह अवश्‍य लेनी होगी …..

वृष लग्‍नवालों के स्‍वास्‍थ्‍य की गडबडी कब तक सामान्‍य होगी … पढें अपना राशिफल में स्‍वास्‍थ्‍य वाले ये तीन प्‍वाइंट्स मेरे ब्‍लॉग में लिखे गए वृष लग्‍न के राशिफल में …..

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।

6. फरवरी के शुरूआत से मार्च के अंत तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।

11. मार्च के अंत से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा!

मिथुन लग्‍न वाले विवाह लायक बच्‍चों के अभिभावक परेशान न हो .. मेरे ब्‍लॉग पर उनके राशिफल में देखें .. क्‍या लिखा है उनके बच्‍चों के घर गृहस्‍थी के मामलों के सुख दुख के बारे में …..

1. नवंबर 2013 से चली आ रही समस्याएं जनवरी 2014 के प्रथम सप्ताह में अपने चरम सीमा पर होंगी , कुछ समस्याएं मार्च के पहले सप्ताह तक बनी रहेंगी! इस समय घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है।

9. मार्च के प्रथम सप्ताह से मार्च के अंत तक ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।

12. अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक घर , गृहस्थी का वातावरण सुखद बनेगा, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सुखद जुडाव बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। सामाजिक कार्यक्रम या अन्य स्थान पर सुखद अहसास बनेगा! पिता पक्ष का सुखद अनुभव प्राप्त होगा, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा।

समझ में आ गया होगा … 90 प्रतिशत मामलों में आपके लिए यह राशिफल उपयोगी है …हां कुछ मामले अवश्‍य अपवाद के होंगे .. जहां हमसे सलाह लेने की आवश्‍यकता पड सकती है ….

2014 में कब बन सकता है कर्क लग्‍न वालों के लिए किसी प्रकार की संपत्ति को खरीदने या उनसे संबंधित समस्‍याओं को निबटाने का योग …. गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के हिसाब से लिखे गए अपने राशिफल को पढिए और संपत्ति से संबंधित प्‍वाइंट्स निकालिए …

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा हाथ आ सकती है! लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी ।

6. फरवरी के शुरूआत से मार्च के अंत तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।

11. मार्च के अंत से पूरे साल किसी कार्यक्रम में माता पक्ष को लेकर सुखद अहसास बनेगा, वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति का भी सुख प्राप्त होगा। अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है। पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर नहीं रहेंगे।

इसी तरह अपने अन्‍य मुद्दों को भी पढिए , समझने की कोशिश कीजिए और लाभ उठाइए …….

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लग्‍न राशिफल 2014 (मेष लग्नवालों के लिए) lagna rashi fal 2014

लग्‍न राशिफल 2014 (मेष लग्नवालों के लिए)

1. नवंबर 2013 से चली आ रही समस्याएं जनवरी 2014 के प्रथम सप्ताह में अपने चरम सीमा पर होंगी , कुछ समस्याएं मार्च के पहले सप्ताह तक बनी रहेंगी! इस समय संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी। बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा।

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी।

3. जनवरी और फरवरी 2014 में स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

4. फरवरी के मध्य से मार्च के प्रथम सप्ताह तक किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।

5. जनवरी के अंत से मार्च के मध्य तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। इस मध्य 7 फरवरी से 28 फरवरी तक इन मामलों की कोई बाधा रह सकती है!

6. फरवरी के शुरूआत से मार्च के अंत तक धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

7. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुरा वातावरण बना सकती हैं , कुछ समस्याएं मई के मध्य तक बनी रहेंगी! स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।

8. मार्च के मध्य से मई के मध्य तक आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधवों के मामलों में सुखद अहसास बनेगा। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा!

9. मार्च के प्रथम सप्ताह से मार्च के अंत तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये यब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

10. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं मई के प्रथम सप्ताह तक काफी निराशा का वातावरण उपस्थित कर सकती है , कुछ समस्याएं जुलाई के मध्य तक बनी रहेंगी! पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी।

11. मार्च के अंत से पूरे साल धन कोष की स्थिति अच्छी रहेगी , जिससे संतुष्टि का अहसास होगा , साख बना रहेगा। घर ; गृहस्थी का वातावरण सुखद बनेगा, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सुखद जुडाव बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।

12. अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है।

13. मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

14. मई के अंत से जुलाई के मध्य तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। इस बीच इन मामलों के लिए 8 जून से 1 जुलाई तक इन मामलों की थोडी कमजोरी दिखाई दे सकती है!

15. जुलाई के मध्य से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। पर काम अधिक नहीं हो पाएगा ।

16. जुलाई मध्य से अगस्त के मध्य तक किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।

17. जुलाई के मध्य से सितंबर के मध्य तक आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधवों के मामलों में सुखद अहसास बनेगा। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा!

18. अगस्त के मध्य से पूरे साल सामाजिक कार्यक्रम या अन्य स्थान पर सुखद अहसास बनेगा! पिता पक्ष का सुखद अनुभव प्राप्त होगा, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा। अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है। पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर नहीं रहेंगे।

19. सितंबर के मध्य से नवंबर के प्रथम सप्ताह तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। इस मध्य इन मामलों के लिए 5 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक स्थिति कुछ कमजोर दिखेगी!

20. 2014 के मध्य से दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये यब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

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लग्‍न राशिफल 2014 (वृष लग्नवालों के लिए) lagna rashi fal 2014

लग्‍न राशिफल 2014 (वृष लग्नवालों के लिए)

1. नवंबर 2013 से चली आ रही समस्याएं जनवरी 2014 के प्रथम सप्ताह में अपने चरम सीमा पर होंगी , कुछ समस्याएं मार्च के पहले सप्ताह तक बनी रहेंगी! इस समय रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी!

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।

3. जनवरी और फरवरी 2014 में ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

4. फरवरी के मध्य से मार्च के प्रथम सप्ताह तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।

5. जनवरी के अंत से मार्च के मध्य तक धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इस मध्य 7 फरवरी से 28 फरवरी तक इन मामलों की कोई बाधा रह सकती है!

6. फरवरी के शुरूआत से मार्च के अंत तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।

7. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुरा वातावरण बना सकती हैं , कुछ समस्याएं मई के मध्य तक बनी रहेंगी! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा।

8. मार्च के मध्य से मई के मध्य तक धन कोष की स्थिति अच्छी रहेगी , जिससे संतुश्टि का अहसास होगा , साख बना रहेगा। पढाई लिखाई का वातावरण सुखद होगा , संतान के मामले भी सुखद महसूस होंगे। बुद्धि ज्ञान के अन्य मामलों में भी काम होता दिखेगा।

9. मार्च के प्रथम सप्ताह से मार्च के अंत तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी ।

10. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं मई के प्रथम सप्ताह तक काफी निराशा का वातावरण उपस्थित कर सकती है , कुछ समस्याएं जुलाई के मध्य तक बनी रहेंगी! संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी। पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है।

11. मार्च के अंत से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा!

12. अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। पर काम अधिक नहीं हो पाएगा अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है। पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर नहीं रहेंगे।

13. मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

14. मई के अंत से जुलाई के मध्य तक धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इस बीच इन मामलों के लिए 8 जून से 1 जुलाई तक इन मामलों की थोडी कमजोरी दिखाई दे सकती है!

15. जुलाई के मध्य से पूरे साल घर , गृहस्थी का वातावरण सुखद बनेगा, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सुखद जुडाव बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है।

16, जुलाई मध्य से अगस्त के मध्य तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये यब चिंतन के विशय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिश्ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है ।

17. जुलाई के मध्य से सितंबर के मध्य तक धन कोष की स्थिति अच्छी रहेगी , जिससे संतुष्टि का अहसास होगा , साख बना रहेगा। पढाई लिखाई का वातावरण सुखद होगा , संतान के मामले भी सुखद महसूस होंगे। बुद्धि ज्ञान के अन्य मामलों में भी काम होता दिखेगा ।

18. अगस्त के मध्य से पूरे साल भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। सामाजिक कार्यक्रम या अन्य स्थान पर सुखद अहसास बनेगा! पिता पक्ष का सुखद अनुभव प्राप्त होगा, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा।

19. सितंबर के मध्य से लेकर नवंबर के प्रथम सप्ताह तक धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इस मध्य इन मामलों के लिए 5 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक स्थिति कुछ कमजोर दिखेगी!

20. 2014 के मध्य से दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी!

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लग्‍न राशिफल 2014 (मिथुन लग्नवालों के लिए ) lagna rashi fal 2014

लग्‍न राशिफल 2014 (मिथुन लग्नवालों के लिए )

1. नवंबर 2013 से चली आ रही समस्याएं जनवरी 2014 के प्रथम सप्ताह में अपने चरम सीमा पर होंगी , कुछ समस्याएं मार्च के पहले सप्ताह तक बनी रहेंगी! इस समय घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिष्‍ठा पर आंच आ सकती है।

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , इस कारण किसी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना कठिन रहेगा। संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा।

3. जनवरी और फरवरी 2014 में प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।

4. फरवरी के मध्य से मार्च के प्रथम सप्ताह तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!

5. जनवरी के अंत से मार्च के मध्य तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। इस मध्य 7 फरवरी से 28 फरवरी तक इन मामलों की कोई बाधा रह सकती है!

6. फरवरी के शुरूआत से मार्च के अंत तक बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

7. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुरा वातावरण बना सकती हैं , कुछ समस्याएं मई के मध्य तक बनी रहेंगी! कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी।

8. मार्च के मध्य से मई के मध्य तक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी किसी कार्यक्रम में माता पक्ष को लेकर सुखद अहसास बनेगा, वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति का भी सुख प्राप्त होगा।

9. मार्च के प्रथम सप्ताह से मार्च के अंत तक ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।

10. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं मई के प्रथम सप्ताह तक काफी निराशा का वातावरण उपस्थित कर सकती है , कुछ समस्याएं जुलाई के मध्य तक बनी रहेंगी! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी।

11. मार्च के अंत से पूरे साल पढाई लिखाई का वातावरण सुखद होगा , संतान के मामले भी सुखद महसूस होंगे। बुद्धि ज्ञान के अन्य मामलों में भी काम होता दिखेगा मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है।

12. अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक घर , गृहस्थी का वातावरण सुखद बनेगा, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सुखद जुडाव बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी। सामाजिक कार्यक्रम या अन्य स्थान पर सुखद अहसास बनेगा! पिता पक्ष का सुखद अनुभव प्राप्त होगा, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा।

13. मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। काफी महत्वपूर्ण लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी।

14. मई के अंत से जुलाई के मध्य तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। इस बीच इन मामलों के लिए 8 जून से 1 जुलाई तक इन मामलों की थोडी कमजोरी दिखाई दे सकती है!

15. मई के मध्य से पूरे साल झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा! अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है। पर लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर नहीं रहेंगे ।

16. जुलाई मध्य से अगस्त के मध्य तक रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! टाध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा!

17. जुलाई के मध्य से सितंबर के मध्य तक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी किसी कार्यक्रम में माता पक्ष को लेकर सुखद अहसास बनेगा, वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति का भी सुख प्राप्त होगा।

18. अगस्त के मध्य से पूरे साल रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। पर काम अधिक नहीं हो पाएगा भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।

19. सितंबर के मध्य से लेकर नवंबर के प्रथम सप्ताह तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। इस मध्य इन मामलों के लिए 5 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक स्थिति कुछ कमजोर दिखेगी!

20. 2014 के नवंबर के मध्य से दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्‍ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है।

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