किसी जातक के धन के परिमाणात्मक पहलू को जन्मकुंडली के द्वारा नहीं बतलाया जा सकता। किसी भी कुंडली को देखकर जातक सहस्रपति है या हजारपति , लखपति है या करोड़पति , इस बात का जवाब दे पाना मुश्किल ही नहीं , असंभव ही है। इसका कारण भी वही है , युग , समाज , प्रदेश [...]
Archive for September, 2007
धन-कोष और ज्योतिष
Posted in विभिन्न आयाम on September 30, 2007 | 3 Comments »
क्या भवितव्यता टल सकती है ?
Posted in इलाज़ on September 30, 2007 | Leave a Comment »
यदि किसी जन्मकुंडली में आनेवाले समय में कुछ बुरा होने का संकेत मिल रहा हो , तो उसके निदान के लिए हम ज्योतिषी उसके लिए कुछ न कुछ उपाय सुझा देते हैं , किन्तु बुरे समय को सुधारने में हमें बड़ी सफलता नहीं मिल पाती है। उस समय हमारी स्थिति कैंसर या एड्स से पीड़ित [...]
शरीर , व्यक्तित्व और ज्योतिष
Posted in विभिन्न आयाम on September 27, 2007 | 25 Comments »
जन्मकुंडली के द्वारा देखे जानेवाले पहले संदर्भ शरीर को ही लें। आपको यह जानकर काफी निराशा होगी कि किसी भी जन्मकुंडली को देखकर किसी भी ज्योतिषी के द्वारा शरीर की कद-काठी या रंग-रुप के बारे में कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं बतलाया जा सकता है , सिर्फ तुक्का लगानेवाली ही बात हो सकती है। [...]



