नजर कब लगती है ?
September 25, 2007 by संगीता पुरी
`मुझे किसी की नजर लग गयी है ´ , मेरे पीछे किसी रहस्यमय शक्ति का हाथ है ´ , `मेरे लिए टोने-टोटके किए जा रहें हैं ´ , इन सबसे निकलकर सामान्य जीवन जी पाना किसी भी मनोवैज्ञानिक रुप से कमजोर व्यक्ति के लिए काफी कठिन है , यहॉ तक कि ये बातें किसी व्यक्ति को पागल बना देने के लिए काफी है , मैने अपने अनुभवों में पाया है कि विपदा , निराशा या परेशानी में घिरे लोगों में ऐसे सोंच के व्यक्ति , खासकर महिलाओं की संख्या काफी है जो इन आपदाओं से बचने के लिए तंाति्रकों का सहारा लेने जाती हैं और बुरी तरह फंस जाती हैं। इससे उन्हें शारीरिक , मानसिक और आर्थिक हर प्रकार का शोषण होता है। चूंकि मुझे तंत्र-मंत्र या टोने-टोटके जैसी अन्य सििद्धयों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है , इसलिए मैं यह तो नहीं कह सकती कि इन सबका महत्व है या नहीं ? बुरी नजर होती ही नहीं है , किन्तु इतना तो दावे के साथ कह सकती हूं कि आपके अच्छे समय में इन बुरे असामाजिक तत्वों का प्रवेश आपके जीवन में हो ही नहीं सकता। चोर-डाकू-लुटेरे-गॉवों शहरों और गलियों में घूमते हैं , किन्तु वे आपके सामानों की चोरी तबतक नहीं करते , जबतक आपपर सकारात्मक ग्रहों का प्रभाव है , जानलेवा हमला करने के बावजूद आप बचकर निकल सकते हैं। हॉ यदि आप ऋणात्मक ग्रहों के प्रभाव में हैं , तो नििश्चत तौर पर किसी न किसी विपत्ति में फंस सकते हैं , जिस तरह किसी असामाजिक तत्वों के हत्थे चढ़ सकते हैं। अब इसे आप किसी भी शक्ति का हाथ समझ सकते हैं। जैसे ही आपके जीवन में धनात्मक ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , आप जिस भी समस्या से प्रभावित हो रहे हों , अवश्य जीत पाएंगे। इसलिए चिंता न करें , निराशा से बचें और दृिष्टकोण सकारात्मक बनाए रखें। इससे आपके आत्मविश्वास में वृिद्ध होगी और आप समस्या को अपने ढंग से हल कर पाएंगे और आपको तांति्रकों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा.
ऎसेही लिखेते रहिये.
क्यों न आप अपना ब्लोग ब्लोगअड्डा में शामिल कर के अपने विचार ऒंर लोगों तक पहुंचाते.
जो हमे अच्छा लगे.
वो सबको पता चले.
ऎसा छोटासा प्रयास है.
हमारे इस प्रयास में.
आप भी शामिल हो जाइयॆ.
एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.