ज्योतिष में राजयोग
October 3, 2007 by संगीता पुरी
राजयोगों की विवेचना या उल्लेख करते हुए सामान्यतया ज्योतिषी या ज्योतिषप्रेमी अपने मस्तिष्क मे भावी उपलब्धियों की बहुत बड़ी तस्वीर खींच लेने की भूल करते हैं। चूंकि आज का युग राजतंत्र का नहीं है , कई लोग इसकी व्याख्या करते हुए कहते हैं कि राजयोग का जातक मंत्री , राज्यपाल , राष्ट्रपति , कमांडर , जनप्रतिनिधि या टाटा ,बिड़ला जैसी कम्पनियों का मालिक होना है। लेकिन जब इस प्रकार के योगों की प्राप्ति बहुत अधिक दिखलाई पड़ने लगी , यानि राजयोगवाली बहुत सारी कुंडलियॉ देखने को मिलने लगीं , तो ज्योतिषी फलित कहते वक्त कुछ समझौता करने लगे और राजयोग का अर्थ गजेटेड अफसरो से जोड़ने लगें। हैं। जिस राजयोगमें एक राजा को पैदा होना चाहिए , उसमें एक मामूली दुकानदार पैदा हो जाता है और जब श्रीमती इंदिरा गॉधी जैसे सर्वगुणसंपन्न प्रधानमंत्री की कुंडली की व्याख्या करने का अवसर मिलता है , तो बड़े से बड़े ज्योतिषी उनकी कुंडली में बुधादित्य राजयोग ही उनके प्रघानमंत्री बनने का कारण बताते हैं , जबकि संभावनावाद के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक लोगों की कुंडली में बुधादित्य योग के होने की संभावना होती है। एक महान ज्योतिषी ने अपनी पुस्तक में लिखा है , बुधादित्य योग यद्यपि प्राय: सभी कुंडलियों में पाया जाता है , फिर भी इसे कम महत्वपूर्ण नहीं समझना चाहिए। इस तरह राजयोगों का विश्लेषण क्या असमंजस में डालनेवाला पेचीदा , अस्पष्ट और भ्रामक नहीं है ? इस तरह के पेचीदे वाक्य राजयोग के विषय में ही नहीं , वरन् ज्योतिष के समस्त नियमों के प्रति बुिद्धजीवी वर्ग की जो धारणा बनती है , उससे फलित ज्योतिष का भविष्य उज्जवल नहीं दिखाई पड़ता है।
आज कम्प्यूटर का जमाना है , अपने समस्त ज्योतिषीय नियमों , सिद्धांतो को कम्प्यूटर में डालकर देखा जाए , कुंडली निर्माण से संबंधित गणित भाग का काम संतोषजनक है , परंतु फलित भाग बिल्कुल ही स्थूल पड़ जाता है , इससे किसी को संतुष्टि नहीं मिल पाती है। एक मामूली प्रथमिक स्कूल के शिक्षक और बसचालक की कुंडली में अनेक राजयोग निकल आते हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की कुंडली में एक दरिद्र योग का उल्लेख इस तरह होता है , मानो वह अति विशिष्ट व्यक्ति न होकर भिखारी हो।
(श्री विद्यासागर महथाजी द्वारा लिखित `फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ´ की पांडुलिपि से उद्धृत)




tell my future
whats my future
sangeetaji,
saadar namaskar,
I m an interested learner of astrology since 1999. Learning maths of astrology is within reach of every human being with average intelligence and study. But the predictions part is really tough because of ambiguity of text,non availability of good teachers and research.I have read Brahad Parashari hora shastra and found various contradictions in terms of predictions thru combinations and individual’s real life.
Put some light on it please.
Rajat
sir meri government job kab tak lagagi meri financial position kasi rahagi. Meri naukari kasi lagagi . sir meri kismat may kya kya hai.
DOB : 12-08-1975
DOT : 1:45 pm
DOP : MORENA (MADHYA PRADESH)
EMAIL : mohammadkhan2@yahoo.co.in
have i rajyog
main ek varidh aashram banana chahta hu kya mera sapna sakaar hoga?
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D o b 4 . 9 .1965
time 8.00 am
hoshiarpur punjab
mera yaha samay kaisa chal raha hai. kirpaya bataiye.
Sangeetaji
Namo narayan
My D.O.B.—19.10.1971
Birth Place—Aurangabad Maharashtra
Time of Birth—17:45
Sangeeta ji what says my Kundli any special in my life please tell me how & when
Thanking You
Deepak
guruji ko charan pranam
mera financial position kaisi hogi.
mera dampatay jeevan kaisa hoga.
meri naukari ka shirsh kya hoga
DoB 16 dec 1975
time morning time. no exact
namaskar.