मानवजीवन को प्रभावित करनेवाला नवॉ संदर्भ धर्म या भाग्य हैं। किन्तु इस भाव से यह नहीं बतलाया जा सकता है कि जातक किस धर्म से संबंध रखता है — वह मंदिर जाता है या मस्जिद , गुरुद्वारा या चर्च , क्योंकि हिन्दू के बच्चे अलग समय में पैदा होते होंगे , मुस्लिम या सिख या इसाई के अलग-अलग समय में जन्म लेते होंगे , यह तो माना ही नहीं जा सकता है। क्या किसी व्यक्ति के जीवन में धर्म परिवर्तन की कोई संभावना है ? इसे भी नहीं बतलाया जा सकता । किन्तु जातक के धार्मिक नजरिए को बतला पाने में एक जानकार ज्योतिषी को कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। धर्म और भाग्य उसके चिंतन के विषय हैं या नहीं ? धर्म के बारे में वह सकारात्मक सोंच रखता है या नकारात्मक ? वह परंपरावादी सिद्धांतों में विश्वास रखता है या नहीं ? धार्मिक कर्मकांडों में उसकी रुचि है या इनकी वह उपेक्षा करता है ? वह भाग्यशाली है या नहीं ? भाग्य के साथ देने से या किसी प्रकार के संयोग के बनने से उसकी जीवन-यात्रा सहज हो जाती है या नहीं ? निरंतर भाग्य की ओर से धोखा पाने से उसका व्यवहार अंधविश्वासी तो नहीं बन गया है ? इन सब बातों की सूचना किसी जन्मपत्री को देखकर की जा सकती है।
(मेरे द्वारा लिखित `गत्यात्मक झरोखे से ज्योतिष´ की पांडुलिपि से उद्धृत)




संगीता,
जितना आसान धार्मिक नज़रिया बताना है उससे भी आसान धर्म-परिवर्तन बताना है।
i am prem from Uttarakhand
mujhe apne bhagya ke baare