पिता , समाज और पद-प्रतिष्ठा के मामलों में ज्योतिष
November 27, 2007 by संगीता पुरी
मानव जीवन को प्रभावित करनेवाला दसवॉ संदर्भ पिता , समाज , रोजगार , पद और प्रतिष्ठा से संबंधित मामला होता है। किन्तु इस भाव से पिता के बारे में कोई व्यक्तिगत जानकारी नहीं दी जा सकती है। पिता कितने भाई-बहन हैं या उनकी कद काठी क्या है या वे किस प्रकार के रोजगार में हैं , कितने दिनों तक जीवित रहेंगें , इन सब बातों की सूचना किसी भी ज्योतिषी के द्वारा नहीं दी जा सकती है। जातक खुद किस प्रकार के रोजगार में है , इसके बारे में भी बतला पाना मुश्किल है , क्योंकि प्राचीन काल में भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रोजगार के साधन होते थे , समुद्रतटीय प्रदेशों के लोग मछली पकड़ने में निपुण होते हैं , तो कृषि प्रधान प्रदेशों के लोग खेती करने में। जंगली क्षेत्रों में रहनेवाले आदिवासी लोग शिकार करने में निपुण होते हैं , तो पर्वतीय प्रदेशों के लोग चढ़ाई करने में । क्या अलग-अलग प्रदेशों में लोगों का जन्म खास समयांतराल में होता है ? नहीं। आज रोजगार के क्षेत्रों की गिनती नहीं की जा सकती है , क्योंकि इनकी संख्या काफी बढ़ गयी है , जबकि किसी व्यक्ति को प्रभावित करनेवाले ग्रह केवल सात ही हैं।
पिता के बारे में जो अहम् बात बतलायी जा सकती है , वह यह कि जातक को अपने पिता से सुख की प्राप्ति हो रही है या नहीं ? उनसे विचारों का तालमेल रहता है या नहीं ? अपने सामाजिक माहौल से वह खुश है या नहीं ? पिता अपने समाज में कैसा स्थान रखते हैं ? अपने पद प्रतिष्ठा के वातावरण से जातक संतुष्ट है या नहीं ? वह आरामदायक जॉब में है या काफी जिम्मेदारी के बोझ को संभालना पड़ रहा है ? इन जिम्मेदारियों को संभालने की क्षमता या रुचि के होने से पूरी स्थिति उसके नियंत्रण में है या इन जिम्मेदारियो को संभालने की क्षमता या रुचि के न होने से उसे अक्सरहा कठिनाइयों का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ता है ? वह सामाजिक महत्व रखता है या नहीं ? सामाजिक कार्यों में उसकी रुचि रहती है या नहीं ? इन प्रश्नो का उत्तर ज्योतिष के माध्यम से दे पाना काफी आसान है।
(मेरे द्वारा लिखित `गत्यात्मक झरोखे से ज्योतिष´ की पांडुलिपि से उद्धृत)
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