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Archive for December 2nd, 2007

सख्ती,कठोरता,वरदान प्रकृति का,
हर्षित      हो      अंगीकार      कर    ।
दृढ़   ,  अचल    चरित्र   देगी   तुझे  ,
क्रमबद्ध  ढंग   से     यह    सजकर ।
जैसे  बनती  हैं  भव्य अट्टालिकाएं,
जुड़कर      पत्थरों      में      पत्थर।

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कुछ ही दिन हुए मुझे चिट्ठा जगत में प्रवेश के , इसलिए बहुत तरह की बातों से अनजान हूं , इससे संबंधित जानकारी देनेवाला भी कोई मेरे आसपास नहीं है। एच टी एम एल की थोड़ी-बहुत मुझे है , इसलिए मैं खुद ही कुछ न कुछ सीखने की कोिशश में लगी रहती हूं। दो-चार दिन [...]

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मेष लग्न — स्वास्थ्य या व्यक्तित्व के मामलों में पिछले महीनें ही उपस्थित हुई समस्याओं की बढ़ती अनिश्चितता अपने उसी रुप में या बदले रुप में तनाव उपस्थित कर सकती है। धन-कोष या आर्थिक मसलों के मामले मनोनुकूल बनें होने के कारण सुख और शांति प्रदान करेंगे। भाई-बहन,सहयोगी-सहकमीZ से संबंधित संदर्भ आरामदायक और मनोनुकूल बनें [...]

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