मानव जीवन को प्रभावित करनेवाला अंतिम संदर्भ खर्चशक्ति और बाह्य संपर्कों को माना गया है। इस भाव को देखकर भी अधिकांश ज्योतिषी जातक के विदेश.यात्रा के योगों की चर्चा करते हैं , जो किसी भी तरह उचित नहीं। खर्चशक्ति की प्रचुरता हो , तो आज किसी भी देश की यात्रा काफी आसानी से की जा सकती है, क्योंकि आज हर देश के लिए विमान सेवाओं की कमी नहीं रह गयी है और विदेश.यात्रा का खर्च भी दिन.ब.दिन घटता ही जा रहा है। साथ ही मल्टीनेशनल कम्पनियों में होनेवाली नौकरियों ने विदेश.यात्रा को कोई बड़ी बात नहीं रहने दी है। इसलिए विदेश.यात्रा के योग को देखने के लिए अब असामान्य योगों को ढूंढ़ना उचित नहीं। अब मधयमवर्गीय परिवारों के लड़कों के भी एक पैर अपने देश में , तो दूसरे विदेशों में रहते हैं। किसी जन्मकुंडली में बाहरी स्थान सs संपर्क का सामान्य योग भी अब किसी ग्रामीण को शहरी क्षेत्र का , किसी शहरी व्यक्ति को महानगर का तथा महानगर के व्यक्ति को विदेश का भ्रमण करवा सकता है।
लेकिन खर्च या बाहरी संदर्भों के बारे में कुछ बातें निश्चित तौर पर किसी भी जन्मकुंडली को देखकर बतायी जा सकती है। यह बता पाना संभव है कि जातक के पास खर्च शक्ति की प्रचुरता रहेगी या नहीं ? भाग्य के साथ देने से जातक के विदेश जाने या बाह्य संदर्भों के मजबूत बना पाने की संभावना है या नहीं ? यदि वह विदेश जाकर रोजगार करना चाहे , तो उसे सफलता मिलेगी या नहीं ? संबंधों का निर्वाह कर पाने या संबंधों को मजबूत बनाने की योग्यता या मानसिकता जातक में है या नहीं ? जातक को अपने बनाए हुए संबंधों से फायदा मिल पाता है या नहीं ? इन सब बातों को बतला पाने में किसी भी जानकार ज्योतिषी को दिक्कतें नहीं आनी चाहिए।



