2008 में 25 फरवरी तक गोचर का शनि काफी कमजोर स्थिति में होगा। चूंकि शनि मकर और कुंभ राशी का स्वामी है और इस समय इसकी स्थिति सिंह राशि में है और ये राशियां क्रमशः कर्क , सिंह और कुंभ लग्नवालों का सातवां भाव है , इसलिए इन लग्नवालों की बातचीत में कहीं भी गंभीरता न आ पाने से विवाह की संभावना के लिए यह समय बिल्कुल प्रतिकूल महसूस होगा। 5 मई के बाद शनि ग्रह की स्थिति के मजबूत होते ही वैवाहिक प्रस्तावों का आना.जाना आरंभ हो जाएगा और विवाह की संभावना दिखाई पड़ने लगेगी। 23 मई तक दिन.ब.दिन संबंधों में गंभीरता आती जाएगी और इस समय तक इन लग्नवालों में से अधिकांश युवक.युवतियों के प्रणय.सूत्र में बंधने की व्यवस्था हो चुकी होगी। जो बाकी रह जाएंगे उनके विवाह की संभावना पुनः नवम्बर.दिसम्बर में ही बन सकेगी।
इसी प्रकार गोचर में बृहस्पति ग्रह 11 अप्रैल से 10 मई तक काफी मजबूत होगा। यह धनु और मीन राशि का स्वामी है , जो क्रमशः मिथुन और कन्या लग्नवालों का सातवां भाव है।इसलिए यह समय इन लग्नवालों के वैवाहिक क्रियाकलापों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। 10 मई तक दिन.ब.दिन संबंधों में गंभीरता आती दिखाई पड़ेगी और इस समय तक अधिकांश युवक.युवतियां प्रणय.सूत्र में बंध भी चुके होंगे , परंतु इसके बाद का समय इन संदर्भों के लिए बाधा उपस्थित करनेवाला होगा। 9 जुलाई के आसपास रोशनी की एक भी किरण नहीं दिखाई पड़ने से माहौल तनावपूर्ण दिखाई पड़ेगा।पुनः 9 सितम्बर से 7 अक्तूबर तक ही वैवाहिक प्रस्तावों का आना.जाना आरंभ होगा और विवाह होने की संभावना दिखाई पड़ेगी।
मंगल ग्रह की कमजोर स्थिति के कारण इस वर्ष का जनवरी तुला , वृष और धनु लग्नवालों के वैवाहिक संदर्भों के लिए अच्छा न होगा , किन्तु 31 जनवरी के बाद मंगल के मजबूत होते ही इन लग्नवालों के वैवाहिक प्रस्तावों का आना जाना आरंभ होगा और विवाह होने की संभावना दिखाई पड़ने लगेगी।इनमें से बहुतों के विवाह फरवरी , मार्च , अप्रैल , मई और जून में होंगे। मई.जून में मंगल की कर्क राशि में स्थिति मकर लग्नवालों के तथा जुलाई.अगस्त में इसकी सिंह लग्न में स्थिति कुंभ लग्नवालों के विवाह के लिए वातावरण तैयार करेगी।
इसी प्रकार गोचर में 22 जनवरी से 29 जनवरी तक बुध ग्रह काफी मजबूत होगा। इस समय बुध ग्रह की स्थिति मकर लग्न में होगी, इसलिए धनु , मीन और कर्क लग्नवालों के वैवाहिक प्रस्तावों का आना जाना बना रहेगा और विवाह की संभावना के लिए भी यह समय काफी महत्वपूर्ण रहेगा। 29 जनवरी तक दिन.ब.दिन संबंधों में गंभीरता आती जाएगी , परंतु इसके बाद वैवाहिक संबंधों की बातचीत में कुछ बाधा उपस्थित होगी। 7 फरवरी के आसपास स्थित बहqत ही बिगड़ी रहेगी किन्तु 19 फरवरी को बुध ग्रह के मजबूत होते ही पुनः वैवाहिक प्रस्तावों का आनाजाना आरंभ होगा और विवाह होने की संभावना दिखाई पड़ेगी।4 मार्च तक इनलोगों मेa से बहुत के विवाह संपन्न हो चुके होंगे।
पुनः गोचर में 13 मई से 27 मई तक बुध मजबूत होगा। इस समय बुध की स्थिति वृष राशि में होगी , इसलिए धनु और मीन और वृश्चिक लग्नवालों लग्नवालों के वैवाहिक प्रस्तावों का आना जाना बना रहेगा और विवाह की संभावना के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण रहेगा। 27 मई तक दिनप्रतिदिन संबंधों में गंभीरता आती जाएगी और इस समय तक अधिकांश युवक.युवतियों के प्रणय.सूत्र में बंधने की व्यवस्था भी हो चुकी होगी। परंतु इसके बाद कुछ बाधा उपस्थित होने की संभावना है। 8 जून के आसपास स्थिति बहुत बिगड़ी हुई होगी , परंतु 20 जून को बुध ग्रह के मजबूत होते ही पुनः वैवाहिक क्रियाकलाप तेजी से आगे बढ़ेंगे। 3 जुलाई तक इनमें से अधिकांश के विवाह संपन्न हो चुके होंगे।
इसके बाद पुनः बुध 10 सितम्बर से 25 सितम्बर तक मजबूत होगा। इस समय इसकी स्थिति कन्या राशि में होगी। इसलिए धनु और मीन लग्नवालों के वैवाहिक प्रस्तावों का आना.जाना बना रहेगा और विवाह की संभावना के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण होगा। 25 सितम्बर तक दिन ब दिन गंभीरता आने के बाद वैवाहिक संदर्भों या बातचीत में कुछ बाधा दिखाई पड़ेगी , 7 सितम्बर के आस.पास स्थिति बहुत ही बिगड़ी होगी , रोशनी की एक भी किरण नहीं दिखाई पड़ने से माहौल तनावपूर्ण दिखाई पड़ेगा , किन्तु 16 अक्तूबर के बाद पुनः वैवाहिक क्रियाकलापों में तेजी आएगी और 23 अक्तूबर तक इन लग्नवालों में से अधिकांश के विवाह हो चुके होंगे।
इस प्रकार वर्ष 2008 में विभिन्न लग्नवालों के विवाह की संभावना निम्न समयंतराल में बनीं रहेगh
मेष – कोई बडा योग नहीं।
वृष — 1 फरवरी से 30 अप्रैल ,
मिथुन — 11 अप्रैल से 10 मई , 9 सितम्बर से 7 अक्तूबर ,
कर्क –5 मई से 23 मई , 22 जनवरी से 4 मार्च , 12 दिसम्बर के बाद।
सिंह — 5 मई से 23 मई , 12 दिसम्बर के बाद।
कन्या — 11 अप्रैल से 10 मई , 9 सितम्बर से 7 अक्तूबर।
तुला — 1 फरवरी से 30 अप्रैल ,
वृश्चिक — 13 मई से 3 जुलाई ,
धनु — 1 फरवरी से 30 मार्च , 22 जनवरी से 4 मार्च , 13 मई से 3 जुलाई , 10 सितम्बर से 23 अक्तूबर।
मकर — 1 मई से 15 जुलाई ,
कुंभ — 5 मई से 23 मई ,15 जुलाई से 30 सितम्बर , 12 दिसंबर के बाद ,
मीन — 1 फरवरी से 30 अप्रैल , 22 जनवरी से 4 मार्च , 13 मई से 3 जुलाई , 10 सितम्बर से 23 अक्तूबर।
मेरे द्वारा लिखित गत्यात्मक झरोखे से ज्योतिष की पांडुलिपि से उद्धृत




सब कुछ अगर लग्न ही से होगा तो बाकी कुण्डली देखने की तो जरूरत नहीं।
sangeet puri g
namaskar.
aap ka lehkh pada bahut achha laga shayad my ne ise ek saal baad padha hu es ke liye aap ko bahut bahut badhai.
kisi ki bhi lagan kundali hi uska kachh chithaa hoti hai
vahi uska opreting program hai uske alava kuchh bhi nahi
जबाब-.श्रीगोविन्दजी , बहुत.बहुत धन्यवाद , मेरा ब्लाग पढ़ते रहें । कोई त्रुटि हो , तो बताएं।
srigovind
6/62008
hyd
Name deepi
Date of birth 12/11/1982
city patiala
time 6:10
main janana chahte hon apna bhaveshay.
kripya sanjay gandhi musafir ke prashan ka bhee uttar dene ka
kashta karen. reply is awaited
yours sincere, Dr. harsh vardhan sharma