जी हां, जीवन में धड़कनों का बड़ा महत्व होता है। शरीर के प्रत्येक अंग में रक्त संचार करते हुए किसी की जिंदगी को बनाए रखने में इसकी बड़ी भूमिका होती है। यदि हम प्रश्न करें कि एक ब्लाग को जीवित रखने में किसकी भूमिका सबसे अधिक है , तो शायद सबों का जबाब होगा-. हिट्स। [...]
Archive for 2008
पहली वर्षगांठ के पूर्व ही 25,000 धड़कनें
Posted in सामयिक on August 26, 2008 | 2 Comments »
कहीं ये हिन्दी चिट्ठाकार भाई.बहनों में सर्वाधिक उम्र के तो नहीं ?
Posted in सामयिक on August 14, 2008 | 5 Comments »
तीन.चार दिनों पहले श्री विद्यासागर महथा नाम के एक 69 वर्षीय सज्जन ने चिट्ठा लिखना आरंभ किया है। उनके चिटठे का नाम है-.फलित ज्योतिष : सच या झूठ । इन्होने अपना सारा जीवन ज्योतिष के विकास में समर्पित कर दिया , पर अपने रिसर्च को पहचान दिला पाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। उनका [...]
जनसामान्य को राहत मिलने के आसार
Posted in सामयिक on August 10, 2008 | 4 Comments »
हिन्दी में ब्लागिंग करनेवाले सभी भाई.बहनों को मेरा नमस्कार। पारिवारिक और अन्य जिम्मेदारियों के कारण मुझे ब्लागिंग की दुनिया से दूर हुए दो.चार महीनें ही हुए हैं, पर ऐसा लग रहा है, मानो अर्सा हो गया विचारों के आदान प्रदान का रसास्वादन किए। पिछले वर्ष सितम्बर माह में ही मैनें इस मनोरंजक , ज्ञानवर्द्धक और [...]



