शुभ ग्रहों का अशुभ प्रभाव
January 13, 2008 by संगीता पुरी
ज्योतिष की पुरानी पुस्तकों में कुछ ग्रहों को शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ ग्रह हमेशा अच्छा फल ही प्रदान करते हैं , जबकि अशुभ ग्रह बुरा।‘गत्यात्मक ज्योतिष’ में इस मान्यता को नहीं स्वीकार किया जाता है , क्योकि महथाजी ने अपने अध्ययन में पाया है कि ग्रह शुभ हो या अशुभ ,वे अपनी शक्ति और स्थिति के अनुसार ही अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं। इस संदर्भ में सूर्य के प्रभाव का उल्लेख किया जा सकता है। जाड़े का सर्वप्रिय ऊष्म सूर्य अपनी स्थिति परिवर्तित करने पर गर्मियों में प्रचंड गर्मी के कारण लोगों का जीना बेहाल कर देता है। शक्तिसंपन्न होने पर अशुभ ग्रह भी अच्छा फल प्रदान कर सकते हैं , जबकि शक्तिहीनता की स्थिति में शुभ ग्रह भी बुरा ही फल प्रदान करेंगे।
‘गत्यात्मक ज्योतिष’ की नजर में 21.22 जनवरी 2008 को आसमान में सभी शुभ ग्रहों की अशुभ स्थिति दिखाई पड़ रही है , जिसके कारण इससे एक सप्ताह पूर्व से एक सप्ताह पश्चात तक संपूर्ण परिवेश में किसी न किसी प्रकार की हलचल दिखाई देगी । वैश्विक , राष्ट्रीय , प्रांतीय ,सामाजिक ,पारिवारिक——हर स्तर में इन ग्रहों के प्रभाव से माहौल में कुछ न कुछ गड़बडी आएगी । राजनीतिक और आर्थिक के साथ ही साथ इस समय प्राकृतिक माहौल भी कष्टप्रद होगा। किसी न किसी प्रकार के बड़े भागदौड़ , बड़े जोड़.तोड़ में लगभग हर महत्वपूर्ण व्यक्ति व्यस्त होगा । हालांकि हर वर्ष की तुलना में इस वर्ष इस योग की तीव्रता में कुछ कमी लग रही है , फिर भी इस योग के कारण हर वर्ष निम्न प्रकार की महत्वपूर्ण घटनाएं घटती हैं , जिनकी इस वर्ष भी छोटे रूप में संभावना बनेगी –
1. सभी राजनीतिक दल अपनी स्थिति को मजबूत बनाने में गंभीरता से जुटे रहेंगे।
2. आतंकवादी संगठन भी अपने कार्यों को अंजाम देने की कोशिश तेज करेंगे।
3. सबों को अनेक प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बाध्यता रहेगी।
4. सभी शेयर बाजारों में महत्वपूर्ण परिवर्तन दृष्टिगोचर होंगे ।
5. बहुत सारे जगहों पर बिन मौसम का बरसात होगा।
6. समुद्री भागों में तूफान आने की संभावना बनेगी।
7. पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ गिरने से मुश्किलें बढ़ेंगी।
<8. मैदानी भागों में तेज हवाएं चलेगी ।
9. कहीं भूकम्प भी आ सकता है।




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