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Archive for February, 2008

दया , धर्म , न्याय आदि गुणों से युक्त बृहस्पति की स्थिति सौरमंडल में सूर्य या पृथवी से बहुत ही दूर स्थित है और इस कारण प्राचीन फलित ज्यैतिष की पुस्तकों में बृहस्पति को वृद्ध ग्रह माना गया है। गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार भी मनुष्य के जीवन में बृहस्पति का प्रभाव 60 वर्य की उम्र [...]

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पिछले कुछ समय से काफी तेजी में चल रहे शेयर बाजार को अचानक मानो झटका लगा और मात्र एक पखवाड़े में ही वह औंधे मुंह गिर पड़ा। शेयर बाजार की इस अचानक गिरावट का अर्थशास्त्री या बाजार विशेषज्ञ चाहे जो भी कारण बताएं ,पर हम ज्योतिषी हर घटना के पीछे किसी न किसी प्रकार के [...]

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सूर्य सौरमंडल का आधार है। यूं तो सौरमंडल में सूर्य स्थिर है और अन्य सभी ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं , किन्तु फलित ज्योतिष में जब हम पृथ्वी को स्थिर मान लेते हैं, तो उसके सापेक्ष सूर्य का एक काल्पनिक परिभ्रमण.पथ बन जाता है, जिसमें वह प्रतिदिन 1 डिग्री के हिसाब से खिसकता हुआ एक [...]

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