13 जनवरी को मैने एक लेख पोस्ट किया था , जिसमें बतलाया गया था कि 21.22 जनवरी को भचक्र में शुभ ग्रहों की अशुभ स्थिति बन रही है , जिसके कारण लगभग हर स्तर पर हर क्षेत्र बुरे ढंग से प्रभावित होगा। निरंतर 40 वर्षों तक मौसम के लिए किए गए गत्यात्मक शोधों से यह स्पष्ट हुआ है कि इस योग का प्रभाव दो सप्ताह तक रहता है , पर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी भूमिका भिन्न प्रकार की होती है। इस योग के कारण शेयर बाजार में एक बड़े परिवर्तन की संभावना थी। 22 जनवरी के पंद्रह दिन पहले यानि 7.8 जनवरी से ही शेयर बाजार में घटत का क्रम दिखाई पड़ने लगा और ठीक 21.22 ता को बाजार औंधे मुंह गिर पड़ा। लेकिन मौसम पर गौर किया जाए , तो ठीक 21.22 ता को अचानक आसमान में बादल घुमड़ने लगे , यत्र.तत्र छिटपुट बारिश होने लगी , ठंडी हवाएं चलने लगी , तापमान गिरता हुआ लोगों को परेशानी देनेवाला बन गया और कमोबेश यह स्थिति आजतक बनीं हुई है जबकि 21.22 ता के पहले मौसम बिल्कुल सामान्य था और ठंड काफी कम थी । ‘गत्यात्मक ज्योतिष’ पर विश्वास कर यदि इस योग का प्रभाव पंद्रह दिनों का माना जाए ,तो 7 फरवरी तक ही इसका प्रभाव पड़ना चाहिए और 7 फरवरी के बाद काफी तेजी से वसंत का आगमन हो सकता है।




बेसब्री से इंतज़ार है बसंत का !!