Posted in पाठकों के प्रश्न on April 28, 2008 | No Comments »
प्रश्न — नई दिल्ली से प्रमोद कुमार पूछते हैं कि ज्योतिष में राहू और केतु को भी ग्रह माना गया है , जबकि ये ग्रह नहीं हैं । तो इनके आधार पर भविष्यवाणी कैसे सही हो सकता है ?
उत्तर — यह तर्क बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले यह जानकारी आवश्यक है कि राहू [...]
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Posted in विज्ञान on April 20, 2008 | 3 Comments »
(यह शोध-पत्र मेरे पिता विद्यासागर महथाजी के द्वारा नई दिल्ली में पूसा गेट के समीप राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला सभागार में 19 से 21 फरवरी 2004 को आयोजित किए गए तृतीय अखिल भारतीय विज्ञान सम्मेलन में भेजा गया था, इस सामग्री को संक्षिप्त रूप में सेमिनार के जर्नल में भी प्रकाशित भी किया गया था। इसे [...]
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Posted in पाठकों के प्रश्न on April 13, 2008 | No Comments »
प्रश्न-.हैदराबाद से श्री उमेश कुमार पूछते हैं कि सौरमंडल में सूर्य तारा है, पृथ्वी, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि आदि ग्रह हैं तथा चंद्रमा उपग्रह है, जबकि ज्योतिष.शास्त्र में सभी ग्रह माने जाते हैं । इसलिए इस परिकल्पना पर आधारित भविष्यवाणी का महत्व कैसे हो सकता है ?
उत्तर — एक ही व्यक्ति सरकार के लिए [...]
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