शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट की संभावना
May 8, 2008 by संगीता पुरी
विभिन्न शेयरों से संबंधित मेरे शोध अभी प्रारंभिक अवस्था मे ही हैं, इसलिए इन्हें पाठकों के सम्मुख लाने में अभी देर होगी। मैने शेयर बाजार से संबंधित अभी तक मात्र दो ही पोस्ट लिखा है और वह भी सिर्फ सेंसेक्स के लिए ही। 21 जनवरी को सेंसेक्स में होनेवाले बड़े उठापटक की चर्चा मैने 11 जनवरी को लिखे पोस्ट में ही कर दी थी। वह अक्षरशः सत्य साबित हुआ था। पुनः शेयर बाजार की अनिश्चतता वाली स्थिति में ही मैनें 11 मार्च के बाद बाजार के ठीक हो जाने की भविष्यवाणी की थी। 11 मार्च से ही बाजार की अनिश्चतता समाप्त होने लगी थी और बाजार अपेक्षाकृत बड़े स्तर पर खुलता रहा, पर डरे हुए ग्राहकों के अत्यधिक बिकवाली के दबाब से बाजार रोज छोटे स्तर पर बंद होता रहा और 17 मार्च को न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। पर 17 मार्च 2008 के बाद बाजार में फिर मंदी नहीं आयी। इस तरह मेरी भविष्यवाणी में एक सप्ताह का अंतर देखा जा सकता है। 10.11 मई 2008 के ग्रहों की स्थिति पुनः शेयर बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती , पर उन दोनो ही दिनों के शनिवार.रविवार होने की वजह से मैंने इन तिथियों के लिए कोई भविष्यवाणी नहीं कर रखी थी , लेकिन पिछले पांच.सात दिनों से बाजार में गिरावट का दौर देखा तो आज अपने को रोक नहीं पायी और अपने अनुभव शेयर करने बैठ गयी। वास्तव में यह गिरावट 10.11 मई 2008को आकाश में स्थित विभिन्न ग्रहों की खास स्थिति के कारण ही हैं और इसका अधिकतम प्रभाव 9 मई 2008 या 12 मई 2008 को देखा जा सकता है। कहने का मतलब यह है कि 9 मई या 12 मई को बाजार में एक बड़ी गिरावट आएगी। उसके बाद ही बाजार धीरे.धीरे संभलेगा।




आपकी ज्योतिष प्रायः अमेरिकी शेयर बाजार के आंकड़ों का अनुसरण करती नजर आती है। बड़े राइट-ऑफ्स के डर से अमेरिकी सरकार द्वारा बैंकों के लेनदेन पर नजर रखने की घोषणा से वहां का बाजार ढहने की जो शुरुआत हुई है, उसका असर अगले तीन-चार सेशन्स तक तो दुनिया भर में महसूस किया जाना है। जनवरी की आपकी तथाकथित भविष्यवाणी भी अमेरिकी आंकड़े आने के बाद आई थी, जब अनिल अंबानी और यूपीए सरकार के भीतरी जुगाड़ से भारतीय शेयर बाजार जबर्दस्ती एक हफ्ते तक चढ़ाकर रखे गए थे और रिलायंस पॉवर का आईपीओ बंद होने के तुरंत बाद ढह गए। अगर आपकी ज्योतिष में दम है तो- जुआरियों-सट्टेबाजों की नहीं, किसी आम शेयर जानकार की समझ से हटकर रुझान के विपरीत जाती हुई कोई भविष्यवाणी करके दिखाइए।
कैसे भी बतलायें
पर सच बतलाती रहें
अब यह सच की मर्जी है
कि वो सच हफ्ते बाद बनता है
या महीने बाद
या उससे भी पहले
या उसके भी बाद
पर यह भी एक सच ही है
कि वो सच अवश्य बनता है.
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