मेरे ब्लागस्पाट वाले ब्लाग को खोलकर देखें .. थोडी ही देर में एक दूसरी साइट खुल जा रही है .. क्या समस्या है .. मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा। ऐसी स्थिति में तो मेरे इस ब्लाग को कोई पाठक पढ भी नहीं सकते। मैने इस ब्लाग पर 28 मई को अपना अंतिम पोस्ट डाला था .. उसके बाद मैं कहीं और व्यस्त हो गयी थी .. जब बोकारो वापस लौटी तो यह समस्या नजर आयी है। इसी कारण आज यह पोस्ट अपने वर्डप्रेसवाले ब्लाग पर डाल रही हूं .. ताकि तकनीकी जानकार इसे पढ सकें और समस्या का कोई समाधान निकल सके।
तकनीकी जानकार बताएंगे .. मेरे ब्लाग में क्या समस्या है ???
June 19, 2009 by संगीता पुरी
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गत्यात्मक ज्योतिष : एक परिचय
भारत के बहुत सारे लोगों को शायद इस बात का ज्ञान भी न हो कि विगत कुछ वर्षों में उनके अपने देश में ज्योतिष की एक नई शाखा का विकास हुआ है , जिसके आधार पर वैज्ञानिक ढंग से की जानेवाली सटीक तिथियुक्त भविष्यवाणी न सिर्फ जिज्ञासु बुfद्धजीवी वर्ग के मध्य चर्चा का विषय बनीं हुई है, वरन् सिर्फ जन्म-तिथि , जन्म.समय और जन्मस्थान मात्र की जानकारी से जातक के पूरे जीवन के उतार.चढ़ाव का लेखाचित्र बहुत कुछ सोंचने को भी बाध्य करती है। सबसे पहले दिल्ली से प्रकाfशत होनेवाली पत्रिका `बाबाजी´ के अंग्रजी और हिन्दी दोनो के ही 1994-1995-1996 के विभिन्न अंकों तथा ज्योतिष धाम के कई अंकों में `गत्यात्मक ज्योतिष´ को ज्योतिष के बुfद्धजीवी वर्ग के सम्मुख रखा गया था। जनसामान्य की जिज्ञासा को देखते हुए 1997 में दिल्ली के एक प्रकाशक `अजय बुक सर्विस´ के द्वारा इसपर आधारित पुस्तक `गत्यात्मक दशा पद्धति : ग्रहों का प्रभाव´ पहले परिचय के रुप में पाठकों को पेश की गयी। इस पुस्तक का प्राक्कथन लिखते हुए रॉची कॉलेज के भूतपूर्व प्राचार्य डॉ विश्वंभर नाथ पांडेयजी ने `गत्यात्मक दशा पद्धति की प्रशंसा की और उसके शीघ्र ही देश-विदेश में चर्चित होने की कामना करते हुए हमें जो आशीर्वचन दिया था , वह इस पुस्तक के प्रथम और द्वितीय संस्करण के प्रकाfशत होते ही पूर्ण होता दिखाई पड़ा। इस पुस्तक की लोकप्रियता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि शीघ्र ही 1999 में इस पुस्तक का द्वितीय संस्करण प्रकाfशत करवाना पड़ा।
पुस्तक के प्रकाशन के पश्चात् हर जगह `गत्यात्मक ज्योतिष´ चर्चा का विषय बना रहा। कादfम्बनी पत्रिका के नवम्बर 1999 के अंक में श्री महेन्द्र महर्षि जी के द्वारा इस सिद्धांत को प्रस्तुत किया गया। जैन टी वी के प्रिया गोल्ड यूचर प्रोग्राम में भी इस पद्धति की चर्चा-परिचर्चा हुई। दिल्ली के बहुत से समाचार पत्रों में भी इस पद्धति पर आधारित लेख प्रकाfशत होते रहें। रॉची दूरदशZन , रॉची द्वारा भी पिछले वर्ष श्री विद्यासागर महथा जी से इंटरव्यू लेते हुए इस सिद्धांत की जानकारी जनसामान्य को दी .
गत्यात्मक ज्योतिष के जनक
`गत्यात्मक ज्योतिष´ की चर्चा के साथ ही साथ इसका प्रतिपादन करनेवाले वैज्ञानिक ज्योतिषी श्री विद्यासागर महथा का परिचय आवश्यक होगा , जिनका वैज्ञानिक दृिष्टकोण ही इस वैज्ञानिक ज्योतिष के जन्म का कारण बना। महथाजी का जन्म 15 जुलाई 1939 को झारखंड के बोकारो जिले में स्थित पेटरवार ग्राम में हुआ। एक प्रतिभावान विद्यार्थी के रुप में मशहूर महथाजी रॉची कॉलेज , रॉची में बी एस सी करते हुए अपने एस्टोनोमी पेपर के ग्रह नक्षत्रों में इतने रम गए कि ग्रह नक्षत्रों की चाल और उनका पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव को जानने की उत्सुकता ही उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य बन गयी। ग्रह-नक्षत्रो की ओर गई उनकी उत्सुकता ने उन्हें ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन को भी प्ररित किया। गणित विषय की कुशाग्रता और साहित्य पर मजबूत पकड़ के कारण तात्कालीन ज्योतिषीय पति्रकाओं में इनके लेखों ने धूम मचायी। 1975 में उन्हीं लेखों के आधार पर `ज्योतिष मार्तण्ड´ द्वारा अखिल भारतीय ज्योतिष लेख प्रतियोगिता में इन्हें प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। उसके बाद तो `ज्योतिष-वाचस्पति´ , `ज्योतिष-रत्न´ , `ज्योतिष-मनीषी´ जैसी उपाधियों से अलंकृत किए जाने का सिलसिला ही चल पड़ा। 1997 में नाभा में आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश के ज्योतिषियों के मध्य इन्हें स्वर्ण-पदक से अलंकृत किया गया।
इनके सभी लेख सर्वथा मौलिक नई दृिष्ट से संयुक्त थे , जिसमें सभी परंपरागत सिद्धांतों का गाणितिक मूल्यांकण होता रहा , इसलिए वे वैज्ञानिक दृिष्टकोण रखनेवालों के लिए प्रेरणास्पद बनें रहें। ज्योतिषीय जवाबदेहियों को निभाते हुए इन्होनें अपने पारिवारिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वाह किया। अपने अनुसंधान को आवश्यक आधार देने तथा आवश्यक पारिवारिक जवाबदेहियों को पूरा करने के पश्चात् ये 1999 से नई दिल्ली में स्थायी तौर पर निवास कर रहे हैं। इन्होनें कभी अपनी सटीक हुई भविष्यवाणियों को तमगे की तरह सजाना नहीं जाना , बल्कि भविष्यवाणी को और सटीक बनाने के रिसर्च में ही जुटे रहें।लोगों के दिलोदिमाग से हर प्रकार के अंधविश्वास एवं ज्योतिषीय भ्रांतियों को दूर कर एक प्रगतिशील और वैज्ञानिक समाज की स्थापना करना इनका मुख्य उद्देश्य है।
About me
पोस्ट-ग्रेज्युएट डिग्री ली है अर्थशास्त्र में......पर सारा जीवन समर्पित कर दिया ज्योतिष को.....अपने बारे में कुछ खास नहीं बताने को अभी तक .......ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना......बस सकारात्मक सोंच रखती हूं.... सकारात्मक काम करती हूं....हर जगह सकारात्मक सोंच देखना चाहती हूं .....आकाश को छूने के सपने हैं मेरे ....और उसे हकीकत में बदलने को प्रयासरत हूं.....देखिए,सफलता कब मिलती है ।
पिछले अंकों को देखें यहाँ .
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इन्हें सबने पसंद किया , आप भी अवश्य पढे .
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क्या ख़ूब कहा आपने , बहुत बहुत धन्यवाद .
Byas Jee Mishra on जन्मकुंडली बनाम् कर्मकुंड… seema on जन्मकुंडली बनाम् कर्मकुंड… hemlata on जन्मकुंडली बनाम् कर्मकुंड… dinesh on जन्मकुंडली बनाम् कर्मकुंड… -
कितने लोग आए गए .
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धन्यबाद उनका , जिनसे मुझे सहयोग मिला .
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My blog is worth $6,209.94.
How much is your blog worth?



शायद आशीष जी बता सकें .
आप की बात सही है .ब्लोग खुलने के कुछ देर बाद ही कहीं ओर पहुँच जाता है।इस बारे में कोई तकनीकी जानकार ही बता सकता है।
आपकी ब्लॉगर टैंप्लेट को रिसेट कर देंखें .. समस्या ठीक हो जानी चाहिए.
Sangeeta ji namaste,
aap ki lambi anupasthiti dekh kar main aap ke blog par do bar pahunchi thi magar blogspot wale blog par jab bhi click kartey hain tab advertisment ke pop-up khulne lagtey hain aur dusri site mein divert ho jaati hai…us ke baad main malware/virus ke dar se aap ke blog par dobara nahin gayi.
ya samsya gambhir hai..kyonki is tarah aap ke us blog ki purani post bhi nahin padh saktey.
Ashish ji [hindi-blogtips] ya phir Vinay prajapati aap ki turant help kar sakengey.unse request kareeye.
thanks
अपने ब्लाग में आपने हिन्दी ब्लाग्स और रफ्तार के बीच में सुरसा का जो लिंक लगाया है वह आपके ब्लाग को गड़प कर रहा है इस लिंक को मिटा दें
सुरसा के ब्लाग का डोमेन एक्सपायर हो गया है जिस कारण इसकी जावास्क्रिप्ट न मिलने के कारण आपके ब्लाग को सुरसा पर ढकेल रही है.
सिर्फ आपका ही नहीं और भी ब्लाग इस के शिकार हैं
जैसे इसे देखिये
http://mayathakur.blogspot.com/
सलाह
अपने ब्लाग पर अनावश्यक स्क्रिप्ट चिपकाने से बचिये
जो समस्या आपने बताई है उसका समाधान आपको यहां मिल जायेगा।
http://bloggertricks.com/2008/01/how-to-redirect-blog-traffic-from-one.html
मुझे अपना e-mail और पासवर्ड दे दीजिए, सही करने की कोशिश करता हूँ। शायद यह किसी साइडबार विजेट के कारण है
संगीता जी, अभी तक सही नहीं हुआ़?
आप पाठकों का लेखा जोखा विजेट को ब्लागवाणी से लेकर रफ्तार तक पूरा मिटा दें
आपका ब्लाग सही हो जायेगा
जो पसंद आये वो विजेट बाद में लगा लीजियेगा
चटका लगाने पर यह पहले आपके चिट्ठे पर जाता है फिर दूसरी जगह पर। लेकिन जब तक यह आपके चिट्ठे पर रहता है तभी Stop loading the page पर चटका लगाने पर यह वहीं रुका रहता है। यानि दूसरा पेज कुछ देर बाद लोड होता है।
मैं तकनीक का जानकार तो नहीं हूं पर लगता है कि किसी ने आपके चिट्ठे पर अपना पता डाल दिया है।
आप अपने चिट्ठे पर जायें और इसका टेम्पप्लेट (template) बदल दें। इससे किसी ने अपना यदि अपना पता डाला है तो वह हट जायगा। उसके बाद अपना पासवर्ड अवश्य बदल दें। शायद आपकी परेशानी दूर हो जायगी।
सलाहकार का कहना ठीक है
बाद में खुले URL में sursaa.in स्पष्टतया देखा जा सकता है।
http://searchacross.com/?flrdr=yes&nxte=js&dn=sursaa.in&fp=kXHnDH0xDZIfzljX%2BDZc03diJWrFV5N2iQsNA7e%2Bz5/fulRkoX96INPD%2Bur3pQQJnSNN13Gz7i/s7J48kVUPKcbIy7WQUdVuuxay%2Bs3yfIfz4am3ojavu7u3VYfrAqQPxWIh5g%3D%3D&prvtof=xjrTXwchHaFd4A7i0nN17/sz0Wqm7X50zNGsQxW6lwuz&cifr=1
टेम्पलेट से मात्र sursaa के किसी विज़ेट/ कोड को हटा देने से समस्या हल हो जानी चाहिये। sursaa वैसे भी 29 मई से खत्म हो गया है।
या फिर HTML एडिट कर लाइन नम्बर 1941 से यह लाइन हटा दें:
sursaa_url = ”;sursaa_title = ”;
बहुत बहुत धन्यवाद .. आप सबने कई उपाय बतलाए .. बहुत देर से कोशिश कर रही थी .. पर सफलता नहीं मिल रही थी .. अभी अभी सुरसा का कोड मिला और उसे मिटाते ही समस्या दूर हो गयी है .. फिर से एक बार आप सबों का आभार।
बधाई.. आपकी समस्या का निराकरण ्हो गया.. बहुत मददगार है चिट्ठाजगत…:)
मैं जब आया हूं
तो समस्या को
नदारद पाया हूं।
चलिए अब सब ठीक हो गया…..अंत भला तो सब भला……
साभार
हमसफ़र यादों का…….
आदरणीय संगीता जी,
सादर प्रणाम
मेरी जन्म तिथि 19 अक्टूबर, 1978, जन्म समय प्रात: 5.30 तथा जन्म स्थान गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। पिछले एक वर्ष से मैं बहुत परेशान हूं। अगर सम्भव हो तो मेरे बारे में कुछ बताएं और यह भी बताएं कि क्या राजनीति में सफलता के कुछ योग हैं। कृपया मार्गदर्शन करें आभारी रहूंगा।
आपका ही—
वेद रत्न
ज्योतिष के विषय मेम आप से कुछ सीखना चाहूंगा