7 फरवरी के बाद तेजी से होगा वसंत का आगमन

13 जनवरी को मैने एक लेख पोस्ट किया था , जिसमें बतलाया गया था कि 21.22 जनवरी को भचक्र में शुभ ग्रहों की अशुभ स्थिति बन रही है , जिसके कारण लगभग हर स्तर पर हर क्षेत्र बुरे ढंग से प्रभावित होगा। निरंतर 40 वर्षों तक मौसम के लिए किए गए गत्यात्मक शोधों से यह स्पष्ट हुआ है कि इस योग का प्रभाव दो सप्ताह तक रहता है , पर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी भूमिका भिन्न प्रकार की होती है। इस योग के कारण शेयर बाजार में एक बड़े परिवर्तन की संभावना थी। 22 जनवरी के पंद्रह दिन पहले यानि 7.8 जनवरी से ही शेयर बाजार में घटत का क्रम दिखाई पड़ने लगा और ठीक 21.22 ता को बाजार औंधे मुंह गिर पड़ा। लेकिन मौसम पर गौर किया जाए , तो ठीक 21.22 ता को अचानक आसमान में बादल घुमड़ने लगे , यत्र.तत्र छिटपुट बारिश होने लगी , ठंडी हवाएं चलने लगी , तापमान गिरता हुआ लोगों को परेशानी देनेवाला बन गया और कमोबेश यह स्थिति आजतक बनीं हुई है जबकि 21.22 ता के पहले मौसम बिल्कुल सामान्य था और ठंड काफी कम थी । गत्यात्मक ज्योतिष पर विश्वास कर यदि इस योग का प्रभाव पंद्रह दिनों का माना जाए ,तो 7 फरवरी तक ही इसका प्रभाव पड़ना चाहिए और 7 फरवरी के बाद काफी तेजी से वसंत का आगमन हो सकता है।

क्या आपका जन्म फरवरी से सितम्बर 1984 के मध्य हुआ है ?

18 सितम्बर 2007 को मंगल ग्रह की सूर्य से 90 डिग्री की कोणिक दूरी और पृथ्वी से सामान्य स्थिति बनीं थी । गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार इस दिन से 15 नवम्बर 2007 तक मंगल ग्रह की स्थैतिक उर्जा में दिन प्रतिदिन वृद्धि होती चली जाएगी। 18 सितम्बर से 15 नवम्बर 2007 तक मंगल ग्रह की यह स्थिति जनसामान्य के सम्मुख विभिन्न प्रकार के कार्य उपस्थित कर रही है। इन दोमहीनों  में लोग मंगल  के कारण उत्पन्न होनेवाले कार्य में उलझे हुए हैं ।

              कुछ लोगों के लिए यह व्यस्तता सुख प्रदान करनेवचाली होगी। वे उत्साहित होकर कार्य में जुटे रहेंगे। दो महीने तक कार्य अच्छी तरह होने के पश्चात 15 नवम्बर 2007 के बाद किसी न किसी प्रकार के व्यवधान के उपस्थित होने से कार्य की गति कुछ धीमी पड़ जाएगी। 25 दिसम्बर 2007 तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस होगा। 31 जनवरी 2008 के पश्चात् मंगल ग्रह में गति आने कें साथ ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर पुन: गतिमान होगा और 30 मार्च 2008 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। मंगल के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी निम्न लोगों को खुशी होगी। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा

1 वे युवा , जिनका जन्म जनवरी से अक्तूबर 1972 , जनवरी से अप्रैल 1973 , मार्च से दिसम्बर 1974 , जनवरी से जून 1975 , मई से दिसंबर 1976 , जून से अगस्त 1977 , जून से अक्तूबर 1978 , जनवरी से सितम्बर 1979 जुलाई से दिसम्बर 1980 , जनवरी से अगस्त 1981 , सितम्बर से दिसम्बर 1982 में हुआ हो।

2 जिनका जन्म 1939 और 1986 के वर्षों में अप्रैल से अक्तूबर के मध्य हुआ हो।

3 जिनका जन्मा  किसी भी वर्ष जनवरी-फरवरी में हुआ हो , वे भी हल्के तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।

4 जिनका जन्म  मकर चंद्र-राशी  के अंतर्गत हुआ हो।

 

                    किन्तु मंगल की इस विशेष स्थिति से कुछ लोगों को कष्ट या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। दो महीनें के पश्चात 15 नवम्बर 2007 के बाद कार्य के असफल होने से भी उन्हें तनाव का सामना करना पडे़गा। 31 जनवरी के पश्चात मंगल में गति आने के साथ-साथ पुन: निराशाजनक वातावरण में वे कार्य को आगे बढ़ाएंगे, कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में गतिमान होकर 30 मार्च 2008 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। मंगल के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इनलोगों को कष्ट पहुंचेगा। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा —-

1 वे युवा,जिनका जन्म 14 अक्तूबर से 10 नवम्बर 1973 , 20 नवम्बर 1975 से 5 जनवरी 1976 , 1 जनवरी से 17 फरवरी 1978 , 1 फरवरी से 24 फरवरी 1980 , 9 मार्च से 14 मई 1982 में हुआ हो।

2 जिनका जन्म फरवरी से अगस्त 1937 , फरवरी से अप्रैल 1952 , जून से अगस्त 1969 , फरवरी से सितम्बर 1984 , मार्च 1999 में हुआ हो।

3ण  जिनका जन्म नवम्बर-दिसम्बर में हुआ हो , वे भी हल्के तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।

4ण् जिनका जन्म वृश्चिक चंद्र राशी के अंतर्गत हुआ हो।

 

                 मंगल की यह स्थिति 18 सितम्बर 2007 से लेकर 30 मार्च 2008 तक बनीं रहेगी। मंगल के प्रभाव की महत्वपूर्ण तिथियॉ 18-19-29-30 सितम्बर 2007  , 02-03-04-147-15-16-26-27-30-31 अक्तूबर 2007 , 11-12-22-23-24-26-27-28 नवम्बर 2007 , 8-9-10-20-21-24-25 दिसम्बर 2007 , 4-5-6-16-17-20-21 जनवरी 2008 , 01-02-12-13-14-17-18-28-29 फरवरी 2008 और 11-12-15-16-26-27-28 मार्च 2008 रहेंगी।

  

    फरवरी से सितम्बर 1984 के मध्य जन्म लेनेवालों के लिए मंगल का यह प्रभाव अधिक बुरा रह सकता है , जो इनकी आनेवाली जिंदगी को 6 वर्षों  के लिए एक नया मोड़ दे दे।

  

     जिनका जन्म उपरोंक्त समय-अंतरालों से भिन्न समय पर हुआ हो, या जिन्हें अपने जन्मसमय की जानकारी नहीं हो, वे उपरोक्त महत्वपूर्ण तिथियों के आधार पर मंगल के अपने उपर पड़नेवाले अच्छे या बुरे प्रभाव का मूल्यांकण कर सकते हैं।

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