शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट की संभावना

विभिन्न शेयरों से संबंधित मेरे शोध अभी प्रारंभिक अवस्था मे ही हैं, इसलिए इन्हें पाठकों के सम्मुख लाने में अभी देर होगी। मैने शेयर बाजार से संबंधित अभी तक मात्र दो ही पोस्ट लिखा है और वह भी सिर्फ सेंसेक्स के लिए ही। 21 जनवरी को सेंसेक्स में होनेवाले बड़े उठापटक की चर्चा मैने 11 जनवरी को लिखे पोस्ट में ही कर दी थी। वह अक्षरशः सत्य साबित हुआ था। पुनः शेयर बाजार की अनिश्चतता वाली स्थिति में ही मैनें 11 मार्च के बाद बाजार के ठीक हो जाने की भविष्यवाणी की थी। 11 मार्च से ही बाजार की अनिश्चतता समाप्त होने लगी थी और बाजार अपेक्षाकृत बड़े स्तर पर खुलता रहा, पर डरे हुए ग्राहकों के अत्यधिक बिकवाली के दबाब से बाजार रोज छोटे स्तर पर बंद होता रहा और 17 मार्च को न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। पर 17 मार्च 2008 के बाद बाजार में फिर मंदी नहीं आयी। इस तरह मेरी भविष्यवाणी में एक सप्ताह का अंतर देखा जा सकता है। 10.11 मई 2008 के ग्रहों की स्थिति पुनः शेयर बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती , पर उन दोनो ही दिनों के शनिवार.रविवार होने की वजह से मैंने इन तिथियों के लिए कोई भविष्यवाणी नहीं कर रखी थी , लेकिन पिछले पांच.सात दिनों से बाजार में गिरावट का दौर देखा तो आज अपने को रोक नहीं पायी और अपने अनुभव शेयर करने बैठ गयी। वास्तव में यह गिरावट 10.11 मई 2008को आकाश में स्थित विभिन्न ग्रहों की खास स्थिति के कारण ही हैं और इसका अधिकतम प्रभाव 9 मई  2008 या 12 मई 2008 को देखा जा सकता है। कहने का मतलब यह है कि 9 मई या 12 मई को बाजार में एक बड़ी गिरावट आएगी।  उसके बाद ही बाजार धीरे.धीरे संभलेगा।

 

 

मंदी की पकड़ से मुक्त होगा शेयर बाजार

पिछले कुछ समय से काफी तेजी में चल रहे शेयर बाजार को अचानक मानो झटका लगा और मात्र एक पखवाड़े में ही वह औंधे मुंह गिर पड़ा। शेयर बाजार की इस अचानक गिरावट का अर्थशास्त्री या बाजार विशेषज्ञ चाहे जो भी कारण बताएं ,पर हम ज्योतिषी हर घटना के पीछे किसी न किसी प्रकार के ज्योतिषीय योग को ही ढूंढ़ा करते हैं। इससे पहले 16 ता के लिखे गए एक पोस्ट में 21.22 जनवरी को शेयर बाजार में बड़ी उठापटक की संभावना व्यक्त की गयी थी। चंद्रमा के बाद पृथ्वी में किसी भी क्षेत्र में सर्वाधिक हलचल पैदा करने वाला ग्रह पृथ्वी से निकटतम स्थित बुध ही होता है। 5 जनवरी को बुध मकर राशि में पहुंचा , लेकिन वह शेयर बाजार को प्रभावित न कर सका, क्योंकि 5 और 6 जनवरी को शनिवार और रविवार होने से बाजार बंद थे। 7 और 8 जनवरी को भी धनु राशि के चंद्रमा ने बाजार को संभाले रखा, किन्तु 9 जनवरी से ही बाजार में लागातार गिरावट आरंभ हो गयी और ज्यों.ज्यों बुध मकर राशि में आगे बढ़ता गया , बाजार में गिरावट बढ़ती चली गयी। जब से बुध मकर राशि की अंतिम डिग्रियों पर है ,यानि 26 जनवरी के बाद से ही कभी बाजार में अनायास तेजी दिखाई पड़ती है , तो कभी पुनः मंदी की पकड़। ऐसी स्थिति में निवेशकों के मध्य अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। 10 मार्च तक बुध मकर राशि में स्थित होगा , इसलिए इस समय तक बाजार अनिश्चतता के दौर से ही गुजरेगा, परंतु उसके बाद बुध ग्रह के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही बाजार में बढ़त का दौर आएगा और सेंसेक्स कम से कम विकास दर के अनुरूप अवश्य ही चलना आरंभ करेगा ,और अधिक तेजी की उम्मीद भी की जा सकती है। इसलिए निवेशकों को हौसला बनाए रखने की जरूरत है।

शुभ ग्रहों का अशुभ प्रभाव

                      ज्योतिष की पुरानी पुस्तकों में कुछ ग्रहों को शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ ग्रह हमेशा अच्छा फल ही प्रदान करते हैं , जबकि अशुभ ग्रह बुरा।गत्यात्मक ज्योतिष में इस मान्यता को नहीं स्वीकार किया जाता है , क्योकि महथाजी ने अपने अध्ययन में पाया है कि ग्रह शुभ हो या अशुभ ,वे अपनी शक्ति और स्थिति के अनुसार ही अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं। इस संदर्भ में सूर्य के प्रभाव का उल्लेख किया जा सकता है। जाड़े का सर्वप्रिय ऊष्म सूर्य अपनी स्थिति परिवर्तित करने पर गर्मियों में प्रचंड गर्मी के कारण लोगों का जीना बेहाल कर देता है। शक्तिसंपन्न होने पर अशुभ ग्रह भी अच्छा फल प्रदान कर सकते हैं , जबकि शक्तिहीनता की स्थिति में शुभ ग्रह भी बुरा ही फल प्रदान करेंगे।

                     गत्यात्मक ज्योतिष की नजर में 21.22 जनवरी 2008 को आसमान में सभी शुभ ग्रहों की अशुभ स्थिति दिखाई पड़ रही है , जिसके कारण इससे एक सप्ताह पूर्व से एक सप्ताह पश्चात तक संपूर्ण परिवेश में किसी न किसी प्रकार की हलचल दिखाई देगी । वैश्विक , राष्ट्रीय , प्रांतीय ,सामाजिक ,पारिवारिक——हर स्तर में इन ग्रहों के प्रभाव से माहौल में कुछ न कुछ गड़बडी आएगी । राजनीतिक और आर्थिक के साथ ही साथ इस समय प्राकृतिक माहौल भी कष्टप्रद होगा। किसी न किसी प्रकार के बड़े भागदौड़ , बड़े जोड़.तोड़ में लगभग हर महत्वपूर्ण व्यक्ति व्यस्त होगा ।  हालांकि हर वर्ष की तुलना में इस वर्ष इस योग की तीव्रता में कुछ कमी लग रही है , फिर भी इस योग के कारण हर वर्ष निम्न प्रकार की महत्वपूर्ण घटनाएं घटती हैं , जिनकी इस वर्ष भी छोटे रूप में संभावना बनेगी

1.     सभी राजनीतिक दल अपनी स्थिति को मजबूत बनाने में गंभीरता से  जुटे रहेंगे।

2.     आतंकवादी संगठन भी अपने कार्यों को अंजाम देने की कोशिश  तेज करेंगे।

3.     सबों को अनेक प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बाध्यता रहेगी।

4.     सभी शेयर बाजारों में महत्वपूर्ण परिवर्तन दृष्टिगोचर होंगे ।   

5.     बहुत  सारे जगहों  पर  बिन मौसम  का बरसात  होगा।

6.     समुद्री भागों में तूफान आने की संभावना बनेगी।

7.     पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ  गिरने से मुश्किलें बढ़ेंगी।

<8.     मैदानी भागों में तेज हवाएं चलेगी

9.     कहीं भूकम्प भी आ सकता है।

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