ज्योतिष में प्रवेश

कोई व्यक्ति जन्म से ही मजबूत शरीर , व्यक्तित्व , धन , गुण , स्वभाव ,परिस्थितियॉ और साधन प्राप्त करता है और कोई जीवनभर यह सबप्राप्त करने के लिए आहें भरता है और कोई कई प्रकार की शारिरिक औरमानसिक विकृतियों को लेकर ही जन्म लेता है। जरा सोंचिए , इसकोकिसकाप्रभाव कहा जा सकता है ? जिसे वैज्ञानिक वर्ग सेयोग या दुर्योग कहते हैं , वह प्रकृति की एक सोंची समझी हुई चाल होती है। आज कृत्रिम उपग्रहों नेयह सिद्ध कर दिया है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में स्थित आकाशीय पिंडों से अनंतप्रकाश की किरणें का जाल बिछा होता है , और पृथ्वी पर ऐसी कोई चीजनहीं , जो इसके प्रभाव से अछूती रह जाए। फिर ग्रहों के प्रभाव से कोईअछूता कैसे रह सकता है ? समुद्र में लहरो का उतार चढ़ाव और अन्य कईप्राकृतिक घटनाएं चंद्रबल के सापेक्ष हुआ करती है।

 

   

मनोवैज्ञानिकों का यह कहना कि ज्योतिष पर विश्वास एक अंधविश्वास है , जो मानसिक दुर्बलता का लक्षण है , बिल्कुल गलत है। मेहनत से कामकरनेवाला व्यक्ति अकस्मात् किसी दुर्घटना का fशकार क्यों हो जाता है ? कोई छोटा बालक क्यो अनाथ हो जाता है ? कोई व्यक्ति पागलपन या किसीअसाध्य रोग से क्यों ग्रस्त हो जाता है ?

 

मेरे हिसाब से इन सब प्रश्नों केउत्तर किसी मनोवैज्ञानिक के पास नहीं होंगे। हजारों वर्षों से विद्वानों द्वाराअध्ययन-मनन और चिंतन के फलस्वरुप मानव मन-मस्तिष्क एवं अन्यजड़-चेतनों पर ग्रहों के पड़नेवाले प्रभाव के रहस्य का खुलासा होता जा रहाहै , हॉ यह सत्य अवश्य है कि पूर्णता मनुष्य की नियति में नहीं है , लेकिनपूर्णता की खोज मनुष्य के स्वभाव का अंग है , नहीं तो इतिहास आदिमकाल से एक ही करवट बैठा होता।

 

आज जरुरत है , धर्म , कर्मकांड औरज्योतिष का गंभीर अध्ययन-मनन करके सही तत्वों को जनता के सम्मुखलाने की। केवल पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर सारे नियमों को गलत मान लेनाबेवकूफी ही होगी। भविष्य की थोड़ी भी जानकारी देने के लिए फलितज्योतिष के सिवा दूसरी कोई विद्या सहायक नहीं हो सकती। अपने अनुसंधानको पूर्णता देने के क्रम में हमनें आप सबों से काफी दूरी बनाए रखी , परअब वह समय आ गया है कि हम अपने ज्ञान के प्रकाश को फैलाकर अपनेकर्तब्यों की इतिश्री कर सकें।

 

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि विज्ञान में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

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