फलित ज्योतिष की खामियॉ

किसी अनजान व्यक्ति के भूत या वर्तमान को बतलानेवाले व्यक्ति ज्योतिषी ही नहीं , हस्तरेखा विशेषज्ञ , तांत्रिक , योगी और हिप्नोटाइज करनेवाले भी हो सकते हैं , किन्तु भविष्य की जानकारी देनेवाली एकमात्र विद्या फलित ज्योतिष ही है , जो इस विशाल ब्रह्मांड में विचरण करनेवाले ग्रहों के आधार पर मानवजीवन पर पड़नेवाले प्रभाव को स्पष्ट करती है। इसलिए भूत और वर्तमान को बतलानेवाले स्पष्टत: ज्योतिषी ही हैं , यी भ्रम न पालें। आजकल फलित ज्योतिष को विज्ञान नहीं स्वीकार किए जाने का मुख्य कारण इसकी कुछ कमजोरियॉ हैं—–

   

फलित ज्योतिष की सबसे बड़ी कमजोरी ग्रहों की शक्ति के मूल्यांकण के लिए प्रामाणिक सूत्र का अभाव होना। किसी व्यक्ति के विशेष संदर्भो की व्याख्या के लिए उसके राfशश या उसकी राfश में स्थित ग्रहों की शक्ति की जानकारी आवश्यक है , किन्तु इस विषय पर ज्योतिष के सभी विद्वान एकमत नहीं हैं। ग्रह की शक्ति के निर्धारण के लिए प्राचीन ग्रंथों में दस-बारह सूत्र दिए गए हैं। हर ज्योतिषी हर जन्मकुंडली के फल के अनुसार अलग अलग सूत्र को महत्वपूर्ण मानते हैं।

   

बिल्कुल यही हाल ग्रहों के दशाकाल निर्धारण में भी है , यानि किस ग्रह का प्रभाव जीवन के किस अवधि पर पड़ेगा , इसके लिए विंशोत्तरी दशा पद्धति का उपयोग किया जाता है , किन्तु इसमें एक साथ ग्रह की चार दशाएं चलती हैं। हर ज्योतिषी हर जन्मकुंडली के फल को देखते हुए अलग-अलग दशाकाल को महत्वपूर्ण समझते हैं। दरअसल हमारे अनुभवी और ज्ञानी _षि-महर्षियों के बाद ज्योतिष-शास्त्र परंपरागत व्यवसाय के रुप में सिमट गया और सभी ज्योतिषियों के भविष्यकथन में अंतर फलित ज्योतिष का एक अवैज्ञानिक पहलू बनकर उभरा और अंधविश्वास में इसकी गिनती होने लगी।

    

वास्तव में भविष्य जानना सबके लिए आवश्यक है। भविष्य में उपस्थित होनेवाली सफलताओं की जानकारी जहॉ वर्तमान की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति देती है , वहीं भविष्य में उपस्थित होनेवाली कठिनाइयों की जानकारी अतिआशावाद को कम कर निfश्चंति को कम कर अधिक जागरुक बनाती है।

 

 

 

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि गत्यात्मक ज्योतिष में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

2 Responses to फलित ज्योतिष की खामियॉ

  1. Shastri JC Philip कहते हैं:

    आज पहली बार आपके चिट्ठे पर आया एवं आपकी रचनाओं का अस्वादन किया. आप अच्छा लिखते हैं, लेकिन आपकी पोस्टिंग में बहुत समय का अंतराल है. सफल ब्लागिंग के लिये यह जरूरी है कि आप हफ्ते में कम से कम 3 पोस्टिंग करें. अधिकतर सफल चिट्ठाकार हफ्ते में 5 से अधिक पोस्ट करते हैं — शास्त्री जे सी फिलिप

    मेरा स्वप्न: सन 2010 तक 50,000 हिन्दी चिट्ठाकार एवं,
    2020 में 50 लाख, एवं 2025 मे एक करोड हिन्दी चिट्ठाकार!!

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