नजर कब लगती है ?

`मुझे किसी की नजर लग गयी है ´ , मेरे पीछे किसी रहस्यमय शक्ति का हाथ है ´ , `मेरे लिए टोने-टोटके किए जा रहें हैं ´ , इन सबसे निकलकर सामान्य जीवन जी पाना किसी भी मनोवैज्ञानिक रुप से कमजोर व्यक्ति के लिए काफी कठिन है , यहॉ तक कि ये बातें किसी व्यक्ति को पागल बना देने के लिए काफी है , मैने अपने अनुभवों में पाया है कि विपदा , निराशा या परेशानी में घिरे लोगों में ऐसे सोंच के व्यक्ति , खासकर महिलाओं की संख्या काफी है जो इन आपदाओं से बचने के लिए तंाति्रकों का सहारा लेने जाती हैं और बुरी तरह फंस जाती हैं। इससे उन्हें शारीरिक , मानसिक और आर्थिक हर प्रकार का शोषण होता है।           चूंकि मुझे तंत्र-मंत्र या टोने-टोटके जैसी अन्य सििद्धयों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है , इसलिए मैं यह तो नहीं कह सकती कि इन सबका महत्व है या नहीं ? बुरी नजर होती ही नहीं है , किन्तु इतना तो दावे के साथ कह सकती हूं कि आपके अच्छे समय में इन बुरे असामाजिक तत्वों का प्रवेश आपके जीवन में हो ही नहीं सकता। चोर-डाकू-लुटेरे-गॉवों शहरों और गलियों में घूमते हैं , किन्तु वे आपके सामानों की चोरी तबतक नहीं करते , जबतक आपपर सकारात्मक ग्रहों का प्रभाव है , जानलेवा हमला करने के बावजूद आप बचकर निकल सकते हैं। हॉ यदि आप ऋणात्मक ग्रहों के प्रभाव में हैं , तो नििश्चत तौर पर किसी न किसी विपत्ति में फंस सकते हैं , जिस तरह किसी असामाजिक तत्वों के हत्थे चढ़ सकते हैं। अब इसे आप किसी भी शक्ति का हाथ समझ सकते हैं। जैसे ही आपके जीवन में धनात्मक ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , आप जिस भी समस्या से प्रभावित हो रहे हों , अवश्य जीत पाएंगे। इसलिए चिंता न करें , निराशा से बचें और दृिष्टकोण सकारात्मक बनाए रखें। इससे आपके आत्मविश्वास में वृिद्ध होगी और आप समस्या को अपने ढंग से हल कर पाएंगे और आपको तांति्रकों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

Advertisements

About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि सामयिक में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

2 Responses to नजर कब लगती है ?

  1. deepanjali कहते हैं:

    आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा.
    ऎसेही लिखेते रहिये.
    क्यों न आप अपना ब्लोग ब्लोगअड्डा में शामिल कर के अपने विचार ऒंर लोगों तक पहुंचाते.
    जो हमे अच्छा लगे.
    वो सबको पता चले.
    ऎसा छोटासा प्रयास है.
    हमारे इस प्रयास में.
    आप भी शामिल हो जाइयॆ.
    एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.

  2. SHAKTI NARAYAN SINGH कहते हैं:

    आपका यह ब्लाग बहुत ही बढ़िया लगा कृपया आप अन्य ब्लाग लिखकर लोगोँ की जानकारी बढ़ानेँ मेँ योगदान करेँ।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s