भाई बहन बंधु बांधव और ज्योतिष

मानवजीवन के तीसरे पक्ष की चर्चा के लिए भाई-बहन , बंधु-बांधव को महत्वपूर्ण माना गया है। यहॉ भी फलित ज्योतिष एक सीमा में बंधा हुआ है। किसी भी जन्मकुंडली को देखकर भाई-बहनों की संख्या को बतला पाना बिल्कुल असंभव है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार के दबाब से चीन में माता-पिता को एक ही बच्चे को जन्म दे पाने की विवशता है। इस तरह चीन के किसी भी युवा या बच्चे के एक भी भाई-बहन नहीं हैं । क्या आप सोंच सकते हैं , चीन के सभी बच्चों का जन्म दुनिया के अन्य देशों में जन्म लेनेवाले बच्चों से अलग समय में हुआ होगा , नहीं , ऐसा कदापि नहीं हो सकता। अपने देश में ही कुछ समय पूर्व के समय को देखें , जब परिवार नियोजन लोकप्रिय नहीं था , तो एक एक व्यक्ति के बारह पंद्रह भाई-बहन हुआ करते थे ,बाद में चार छह , उसके बाद एक दो और अब हालत देखिए , एक भाई-बहन भी बच्चों के नहीं हैं , क्या भचक्र के ग्रहों में कोई बदलाव आया है ? जाहिर है , नहीं , इसलिए आज भी जन्मकुडली वैसी ही बन रही है , जैसी हजारों वर्ष पहले बनती थीं। फिर जन्मकुंडली देखकर भला कैसे बतलाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के कितने भाई या बहन हैं।

          वास्तव में जन्मपत्री से भाई-बहनों या भाई बहन जैसों के सुख-दुख या अन्य व्यवहार के बारे में बताया जा सकता है। किसी व्यक्ति को भाई-बहनों या भाई-बहन सदृश लोगों से सुख मिलता है या नहीं ? उनसे विचारों का तालमेल है या नहीं ? उससे संबंधित जवाबदेही हे या नहीं ? उस जवाबदेही को निभा पाने में वह समर्थ है या नहीं ? क्या उसके भाई-बहन के मामले काफी तनाव देनेवाले हैं ? यदि हॉ , तो वह उसे सुधारने की कोशिश करता है या नहीं ? यदि करता है , तो उसका सकारात्मक परिणाम मिलता है या नकारात्मक ? किसी जातक को समय पर भाई-बहन बंधु-बांधव काम आते हैं या नहीं ? इन सब बातों के साथ ही साथ इस बात की भी चर्चा की जा सकती है कि किस उम्र में उपरोक्त मामलों का सर्वाधिक प्रभाव बना रहेगा।

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि विभिन्न आयाम में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

8 Responses to भाई बहन बंधु बांधव और ज्योतिष

  1. hariraam कहते हैं:

    उपयोगी जानकारी है। यदि कुछ कुण्डलियों के उदाहरण देकर समझाया जाता कि किन गृहयोगों से सम्बन्धों में कैसे प्रभाव पड़ते हैं, तो ज्यादा प्रभावी होता। ज्योतिष पर आपका विज्ञान-सम्मत ज्ञान काफी उपयोगी है। यदि आप कुछ ज्योतिंष सम्बन्धी व्यक्तिगत सलाह भी दें तो लोग उपकृत होंगे।

  2. Khushbu das कहते हैं:

    Maira nam khushbu das hai. Mairi d.o.b hai 14sep1986 .birthcity nagpur . Time 9:45sham ko. Mairi shadi kab hogi .jeevan saathi ksa hoga. Shadishuda jeevan ksa hoga

  3. NOBLE DEEP SAHU कहते हैं:

    pranam gupu ji
    mera janm dinak hai 10/03/1988 aur time hai sam ko 07:18 pm mai aapse ye janna chahta hu ki meri nukari kb lgegi. kya meri saadi hogi. kya mere me pharai ka yog hai. guru ji mai abhi tk 8th pass hu lekin mai kosis krta hu ki 10 th pass kru lekin fel ho jata hu. kripa kr ke Ans. dijiye .
    Thank you

  4. navin mishra कहते हैं:

    Plez guru ji jitni jaldi ho muje upay bata do.navin mishra 9717116346

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