वास्तुशास्त्र का महत्व

इन दिनों वास्तुशास्त्र की अनुगूंज हर जगह सुनाई पड़ रही है। बड़े लोग जब लम्बे काल के लिए अपने कार्यक्रमों में विफल होते चले जाते हैं, तब वे अपने कार्यक्रमों, सूझ-बूझ, संगति, समय या संसाधनों के समन्वयन पर दृष्टिपात न कर अपने आवास को, अपने पहनावे को, अपने हस्ताक्षर को दोषपूर्ण समझना शुरु कर देते हैं और उन्हें सुधारने में लग जाते हैं। एक ओर बुरे समय की मार, तो दूसरी ओर इस प्रकार के सुधार का कार्यक्रम व्यक्ति को लाखों का मूल्य चुकाना पड़ता है। वास्तुशास्त्र के जानकार की शुल्क भी अभियंता की तरह ही होती है। जो व्यक्ति अपने आवास की तोड़-फोड़ में लाखो का नुकसान कर रहे होते हैं, वे भला वास्तुशास्त्रवेत्ता को हजारो क्यों नहीं दे सकते हैं ? इस मनोविज्ञान की जानकारी भी उन्हें खूब होती है और इसका फायदा उठाने से वे नहीं चूकते।

        समय जब अच्छा होता है, तो लक्ष्मी का आगमन होता है, यश की वृद्धि होती है, घर का निर्माण हो जाता है, नौकरी मिल जाती है, समाज में पद-प्रतिष्ठा मिलती है, रत्न-जटित मुकुट सिर पर चढ़ जाता है, पत्नी, बाल-बच्चे सब सुख देनेवाले होते हैं, आत्मविश्वास की बढ़ोत्तरी होती है, व्यक्तित्व आकर्षक हो जाता हैं किन्तु जब समय बुरा होता है, तो लक्ष्मी रुठ जाती है, उसका आगमन अवरुद्ध हो जाता है, यश में कमी हो जाती है, घर गिरने लगता है, उसमें तोड़-फोड़ होने लगता है, उसका रख-रक्षाव ठीक से नहीं हो पाता, समाज से तिरस्कृत होना पड़ता है, रत्न-जटित मुकुट सिर से उतर जाता है, जिन रत्नों को आप शुभ या प्रगतिसूचक मानते हैं, वे स्वत: गिर जातेहैं ,गुम हो जाते हैं, पत्नी, बाल-बच्चे या सभी नजदीकी कष्ट के कारण बन जाते हैं। उत्साह के साथ मकान का निर्माण हो रहा हो, तो समझ लीजिए आपका समय अच्छा है, परंतु किसी प्रकार की विवशता में पड़कर आप मकान के नक्शे को बदलने के लिए तोड़-फोड़ कर रहे हों, तो इस अनावश्यक कार्यवाही को ही आप किसी बुरे ग्रह की प्रेरणा समझें।

(श्री विद्यासागर महथाजी द्वारा लिखित `फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ´ की पांडुलिपि से उद्धृत)

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
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