एक भूल , जिसने शब्दों को सुंदर बनाया……

कुछ ही दिन हुए मुझे चिट्ठा जगत में प्रवेश के , इसलिए बहुत तरह की बातों से अनजान हूं , इससे संबंधित जानकारी देनेवाला भी कोई मेरे आसपास नहीं है। एच टी एम एल की थोड़ी-बहुत मुझे है , इसलिए मैं खुद ही कुछ न कुछ सीखने की कोिशश में लगी रहती हूं। दो-चार दिन पूर्व चिट्ठा पोस्ट करते वक्त मैंने पाया कि इस चिट्ठे का दूसरा पैराग्राफ देखने में सुंदर और पढ़ने में सुविधाजनक लग रहा है , जबकि अन्य पूरे लेख बिल्कुल सामान्य लिखे हुए हैं। कारण ढूंढ़ते हुए मैने कई प्रयोग किए और तब बात समझ में आयी। वास्तव में नए-नए प्रयोग करने की आदत के अपने स्वभाव के कारण कुछ दिन पहले मैं एच टी एम एल कोड में चली गयी थी और पैराग्राफ चैंज करने के लिए उसमें <p> और </p> कोड डाला था। कुछ देर पश्चात् पहले पैराग्राफ में इसे डालने की जरुरत न समझते हुए <p> को काट दिया था , पर इसी के अंत में लिखे </p> को काटना भूल गयी। इससे दूसरे पैराग्राफ के आरंभ में </p> और <p> बन गया , जिसके कारण इस पैराग्राफ के अक्षर इतने अलग-अलग और सुंदर हो गए थें। अब इस कोड का क्या अर्थ , यह तो एच टी एम एल के  विशेषज्ञ ही जानते होंगे , पर मुझे अपने पाठकों को अपने ब्लॉग के पोस्टों को स्पष्ट दिखा पाने का फॉमूZला मिल गया , जिसका मैं उस दिन से लागातार प्रयोग कर रही हूं। आप भी अवश्य आजमाइए ।

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि तकनीकी में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

One Response to एक भूल , जिसने शब्दों को सुंदर बनाया……

  1. दीपक भारतदीप कहते हैं:

    यहाँ जो भी सीखें सब प्रयोगों से ही सीखें हैं, धीर-धीरे आपको इतना अभ्यास हो जायेगा कि आप दूसरों को भी सीखा सकेंगीं. आप और हम काम से काम यह तो जानते हैं की ब्लोग क्या है पर अभी भी कंप्यूटर पर चिपक कर बैठे कई लोग यह भी नहीं जानते कि ब्लोग क्या है और उसमें हिन्दी में यूनिकोड भी है. हम सब ब्लोगरों को इसके प्रचार का भी जिम्मा उठाना है.
    दीपक भारतदीप

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