वरदान प्रकृति का

सख्ती,कठोरता,वरदान प्रकृति का,
हर्षित      हो      अंगीकार      कर    ।
दृढ़   ,  अचल    चरित्र   देगी   तुझे  ,
क्रमबद्ध  ढंग   से     यह    सजकर ।
जैसे  बनती  हैं  भव्य अट्टालिकाएं,
जुड़कर      पत्थरों      में      पत्थर।

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि कविताएँ में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

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