शनि ने सोनियाजी को ही माध्यम क्यों बनाया ?

गत्यात्मक ज्योतिष से संबंधित मेरे लेखों को पढ़ने के बाद जनसामान्य को इस बात की जानकारी अवश्य हो गयी होगी कि सौरमंडल में स्थित सुदूर ग्रहों का प्रभाव मनुष्य के जीवन में बिल्कुल अंतिम समय में पड़ता है। यदि शनि ग्रह की बात की जाए , तो गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार इसका प्रभाव मानवजीवन पर 72वें वर्ष से लेकर 84वें वर्ष की उम्र तक पड़ता देखा गया है। यदि शनि सूर्य से कम दूरी पर स्थित होते हैं , तो जातक वृद्धावस्था के बावजूद इस उम्र में सफलता प्राप्त करता है , 72वें वर्ष से 78वें वर्ष तक क्रमशः उनकी स्थिति अच्छी होती जाती है। इसके विपरीत , शनि सूर्य से अधिक दूरी पर स्थित हो , तो एक तो वृद्धावस्था , दूसरी ओर मनोनुकूल वातावरण का अभाव , मनोबल टूटने लगता है। 72वें से 78वें वर्ष तक लागातार ऐसा ही स्थिति बनी होती है। जन्मकुंडली में मजबूत शनि के कारण ही 72वें वर्ष में एन टी रामारावजी 1995 में पुनः मुख्यमंत्री बनें , नेल्सन मंडेलाजी 72वें वर्ष से ही सफलता प्राप्त करते हुए 76वें वर्ष में आफ्रिका के राष्ट्रपति , अटल बिहारी वाजपेयीजी 72वें वर्ष यानि 1996 के पश्चात प्रधानमंत्री और महात्मा गांधीजी 72वें वर्ष यानि 1941 के पश्चात् स्वतंत्रता आंदोलन की गति को तेज करते हुए 78वें वर्ष में यानि 1947 में देश को स्वाधीन करने में सफल हो सकें। जन्मकुंडली में कमजोर शनि ने ही जवाहरलाल नेहरूजी के समक्ष 72वें वर्ष की उम्र यानि 1961 के पश्चात् प्रधानमंत्री के रूप में घरेलू समस्याओं और आर्थिक संकट को उपस्थित किया था।

                         प्रधानमंत्री मनमोहनसिंहजी की जन्मकुंडली में स्वक्षेत्री शनि सूर्य से मात्र 28 डिग्री की दूरी पर अतिशीघ्री गतिसंपन्न है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिलजी की जन्मकुंडली में भी स्वक्षेत्री शनि सूर्य से 57 डिग्री की दूरी पर शीघ्री गति का है। इस दृष्टि से इन दोनों को ही 72 वर्ष की उम्र के बाद सफलता मिलनी चाहिए थी । यदि स्तर की बात की जाए , तो न तो मनमोहनसिंहजी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए कोई राजनीतिक वातावरण था और न ही प्रतिभा पाटिलजी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए ही। किन्तु ग्रह को अपने चमत्कार दिखाने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता तो होती ही है। ऐसी माध्यम बनीं श्रीमती सोनिया गांधी , जिनके सहयोग से 72 वर्ष की उम्र पूरे करने के आसपास ही यानि मनमोहनसिंहजी को इससे छः महीनें पूर्व और प्रतिभा पाटिलजी को छः महीनें पश्चात् क्रमशः प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की कुर्सी प्राप्त हो गयी। आखिर दोनों ही जगहों पर शनि ने सोनिया गांधी को ही माध्यम क्यों बनाया , यह एक विचारणीय प्रश्न है।

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि सामयिक में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

4 Responses to शनि ने सोनियाजी को ही माध्यम क्यों बनाया ?

  1. Sanjay Gulati Musafir कहते हैं:

    आप अपने किए प्रश्न का ही उत्तर नहीं दे पाईं। सवाल शनि नहीं था – सवाल था सोनिया गांधी!

    दूसरा यह कि – आपने ही लिखा है,
    इसके विपरीत , शनि सूर्य से अधिक दूरी पर स्थित हो , तो एक तो वृद्धावस्था , दूसरी ओर मनोनुकूल वातावरण का अभाव , मनोबल टूटने लगता है। ….

    फिर आपने ही लिखा है –
    …प्रधानमंत्री मनमोहनसिंहजी की जन्मकुंडली में स्वक्षेत्री शनि सूर्य से मात्र 28 डिग्री की दूरी पर अतिशीघ्री गतिसंपन्न है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिलजी की जन्मकुंडली में भी स्वक्षेत्री शनि सूर्य से 57 डिग्री की दूरी पर शीघ्री गति का है। इस दृष्टि से इन दोनों को ही 72 वर्ष की उम्र के बाद सफलता मिलनी चाहिए थी । …

    क्या दोनों बातओं में परस्पर विरोध नहीं है!

    फिर आप ही लिखती हैं –
    किन्तु ग्रह को अपने चमत्कार दिखाने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता तो होती ही है।…

    अगर माध्यम ही चाहिए, तो ग्रह खुद क्या कर रहा है।

    कहीं बातों में लगातार परस्पर विरोध है या कडियाँ हैं ही नहीं।

  2. upendra pratap singh कहते हैं:

    mera date of birth 17.10.83 hai aur mera uper sani gharh hai ke nahi

  3. anil kumar कहते हैं:

    my D O B is 27 nov 1957 time 4.55 am in jaipur rajsthan

    Pleass letus know when i strart my owan busness can i
    succes in my busness, which type of busness i can do
    Regards
    Anil

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