किशोरावस्था का प्रतीक ग्रह : बुध

                      चंद्रमा के पश्चात पृथ्वी के सबसे निकट बुध है , जिसकी स्थिति पृथ्वी और सूर्य के मध्य में है , इसके कारण यह सूर्य से अधिकतम 24 से 27 डिग्री की दूरी पर ही रह सकता है।बुध बुद्धि , ज्ञान का प्रतीक ग्रह है और इस कारण इसका प्रभाव विद्यार्थी जीवन पर अधिक पड़ते देखा गया है।

बुध की शक्ति का आकलण हम उसकी गति और पृथ्वी से उसकी दूरी के आधार पर कर सकते हैं। बुध की गति यदि प्रतिदिन 2 डिगी के आसपास हो और सूर्य से उसकी कोणात्मक दूरी 0 डिगी हो , तो बुध पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी यानि लगभग 21 करोड़ किमी की दwरी पर स्थित होता है। इस समय इसकी गत्यात्मक शक्ति सर्वाधिक यानि 100 प्रतिशत होती है। इस समय जन्म लेनेवाले जातक किशोरावस्था यानि 12 वर्ष से 24 वर्ष की उम्र तक उच्छृंखल वातावरण में विद्याधययन करते हैं , हाजिरजबाब होते हैं , अनायास सफलता प्राप्त करते हैं।  यदि बुध की गति वक्र हो और सूर्य से उसकी कोणात्मक दूरी 0 डिग्री हो , तो बुध पृथ्वी से न्यूनतम दूरी पर यानि लगभग 9 करोड़ किमी की दwरी पर स्थित होता है। इस समय इसकी गत्यात्मक शक्ति शून्य होती है।इस समय जन्म लेनेवाले जातक अपने वातावरण में सुख सुविधा की कमी पाते हैं , पढ़ने के मनोनुकूल वातावरण न होने के बावजूद कड़ी मेहनत के बाद भी असफलता ही पाते हैं। यदि बुध की गति प्रतिदिन 1 डिग्री के लगभग हो और सूर्य से उसकी कोणात्मक दूरी 27 डिग्री के लगभग हो ,तो बुध पृथवी से औसत दूरी पर यानि लगभग 14 करोड़ किमी की दूरी पर सथित होता है। इस समय इसकी गत्यातमक शक्ति सामान्य होती है। इस समय जन्म लेनेवाले जातक का स्तर बड़ा होता है , किशोरावस्था में मेहनती होते हैं , अधययन.मनन में गंभीरता रखते हैं।बुध जिस भाव का स्वामी होता है , जिस भाव में स्थित होता है , उसके राशीश के दwसरे भाव तथा जिस.जिस भाव के राशीश के साथ स्थित होता है , उन सभी भावों से संबंधित सुख या कष्ट का जातक  प्राप्त करते हैं।

स्वर्गीय इंदिरा गांधी का जन्e 19.11.1917 में सिंह लग्न में हुआ था , एकादश और द्वितीय भाव का स्वामी बुध सूर्य से 9 डिग्री की दूरी पर प्रतिदिन 1 डिग्री सं अधिक की गति में चतुर्थ भाव में स्थित था , जिसके साथ सूर्य भी स्थित था। इसलिए इन्होनें 12 वर्ष से 24 वर्ष की उम्र में ही शरीर , व्यक्तित्व , बुद्धि , धन , कुटुम्ब , लाभ मंजिल , और सफलता प्राप्त की।

सुनील गावस्कर  का जन्म 19.07.1949 को मकर लग्न में हुआ , बुध सूर्य से लगभग 20 डिग्री की दूरी पर प्रतिदिन 1 डिग्री की गति से चलायमान था ,यानि औसत गत्यात्मक शक्ति संपन्न था साथ में सूर्य और मंगल भी था ,इसलिए गावस्कर इस उम्र में बहुत मेहनती रहें और इस पूरी अवधि में मातृ पक्ष , स्थायित्व , प्रतियोगिता , भाग्य और लाभ से संबंधित सफलता कम उम्र में ही प्राप्त की।

के के बिड़लाजी का जन्म 11.11.1918 को तुला लग्न में हुआ था ,

बुध सूर्य से लगभग 15 डिग्री की दूरी पर प्रतिदिन डेढ़ डिग्री की गति पर मौजूद था , इसलिए इन्होनें 12 वर्ष से 24 वर्ष की उम्र तक भाग्य , खर्च , बाहरी संदर्भ , धन और परिवार से संबंधित सफलता प्राप्त की।

एक महिला का जन्म 12.07.1963 को कुंभ लग्न में हुआ था , बुध सूर्य से 0 डिग्री की दूरी पर 2डिग्री प्रतिदिन की गति में सूर्य और शुक्र के साथ स्थित था , बुध के गत्यात्मक शक्ति संपन्न होने के कारण इस महिला का 12 वर्ष से 24 वर्ष तक का समय अनायास रूप से सफलता देनेवाला रहा। इनकी प्रतिभा को देखते हुए इनका विवाह भी इसी अवधि में अच्छे परिवार में किया गया।

संजय दत्त का जन्म 29.07.1959 को वृश्चिक लग्न में हुआ ,अष्टम और एकादश भावाधिपति बुध सूर्य से 12 डिग्री की दूरी पर सूर्य के साथ वक्र गति में था । इसलिए संजय दत्तजी ने 12 वर्ष से 24 वर्ष की उम्र तक जीवन , लाभ , भाग्य और प्रतिष्ठा की कमी महसूस की। 24 वर्ष की उम्र में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्रीजी का जन्म 2.10.1909 को वृश्चिक लग्न में हुआ , अष्टम और एकादश भावाधिपति बुध सूर्य से 17 डिग्री की दूरी पर प्रतिदिन 1 डिग्री से कम की गति मे मंगल के साथ दशम भाव में स्थित है।इसलिए इन्होनें 12 वर्ष से 24 वर्ष की उम्र तक झंझटों के साथ व्यतीत किया।

एक महिला का जन्म 10.05.1949 में धनु लग्न में हुआ , सप्तम और दशम वाधिपति बुध सूर्य से 21 डिग्री की दूरी पर प्रतिदिन 1 डिग्री से कम की गति में षष्ठ भाव मेa स्थित है। इनका विवाह बहुत ही कम उम्र में कर दिया गया , पति और परिवारवालों के बुरे व्यवहार को बर्दाश्त न कर सकने के कारण यह अपने पिता के घर आने को बाधय हुई।

Advertisements

About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि गत्यात्मक ज्योतिष में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

One Response to किशोरावस्था का प्रतीक ग्रह : बुध

  1. srigovind1 कहते हैं:

    bahut achhi jankari hai

    ans–dhanyavad

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s