40 वर्ष से अधिक उम्रवालों के लिए तोहफा

            

यूं तो ग्रहों का अच्छा या बुरा प्रभाव बच्चों से लेकर बूढ़े ,बुजुर्ग सबों पर पडता है ,पर इनकी तीव्रता में कुछ अंतर तो हो ही जाया करता है। बचपन में ग्रहों के प्रभाव से मनोवैज्ञानिक विकास में कुछ बाधा भले ही हो जाए , पर वास्तविक जीवन में उनका कोई खास महत्व नहीं होता। सभी बच्चे अपने.अपने वातावरण में ही जीना सीख लेते हैं। यदि हम मानव.जीवन के बालपन पर धयान दें तो पाएंगे कि हर स्तर के बच्चों के पास पालन.पोषण या मनोरंजन के साधन भी अलग.अलग प्रकार के होते हैं और जिनको जो मिलता है , उसी से वे संतुष्ट होते हैं। इससे आगे बढ़कर विद्यार्थी.जीवन की ओर बढ़े , तो यहां भी हम पाएंगे कि सभी किशोर अपने.अपने स्तर पर ज्ञानार्जन करने में व्यस्त हैं। अपने.अपने बुद्धि , माहौल और स्तर के अनुसार कोई पढ़ाई में आगे है , तो कोई पीछे , कोई परंपरागत व्यवसाय सीखने में तल्लीन है , तो कोई लापरवाह , कोई मजदूरी करते हुए कुछ सीखने में व्यस्त है , तो कुछ गुंडागर्दी के ही गुर सीखने में व्यस्त। लेकिन फिर भी अपनी स्थिति से लगभग संतुष्ट। इससे भी आगे बढ़े , तो युवा वर्ग का चेहरा सामने आता है। कैरियर के चुनाव का समय उपस्थित हो जाता है। अपने अपने स्तर के अनुरूप या कभी घटा.बढ़ाकर सबों को किसी न किसी कार्य की जवाबदेही संभालने को बाध्य होना पड़ता है। ऐसा नहीं कि इन तीनों दौर में ग्रहो का प्रभाव नहीं होता, पर लोगों को महसूस नहीं होता कि सारे वातावरण , परिस्थितियों या मानव के व्यवहार पर ग्रहों का प्रभाव है। वे परिस्थितियों के लिए खुद को भी जिम्मेदार समझते है। और ज्योंहि उन्हे इस बात का अहसास होता है , वे जी.जान से मेहनत कर अपनी परिस्थितियों को सुधारने की कोशिश में लग जाते हैं। मेहनत के अनुरूप परिस्थितियों में सुधार हो या न हो , वे इतने व्यस्त हो जाते हैं कि भाग्य , धर्म के चिंतन के लिए उन्हें समय ही नहीं होता।

                 इस तरह 40 या अधिकतम 45 वर्ष की उम्र तक लोगों को अपने स्तर में जी पाने में कोई विशेष कठिनाई नहीं होती , चाहे वे अपने जीवन में काफी सफल हों या न हों। लेकिन उसके बाद की परिस्थितियों पर उनका अपना वश नहीं होता , क्योकि अपना एक स्तर बन चुका होता है , उसके अनुरूप ही सारे कार्यों को अंजाम देना आवश्यक होता है। शरीर कमजोर होने लगता है ,संतान या परिवार की सफलता का अधिक महत्व दिखाई पड़ता है , सफलता या असफलता अपने हाथ में न होकर संतान के हाथ में चली जाती है , यह समय अच्छा हो, तो कहना ही क्या, पर यदि बुरा हो, तो हिम्मत ही तोड़नेवाला होता है। सही समय पर अपना कोई आवश्यक काम न हो पाने से या संतान पक्ष का काम न हो पाने से जीवन में कोई रस नहीं बच जाता है। ऐसे लोगों को निराशाजनक परिस्थितियों से बाहर लाने के लिए ज्योतिषीय परामर्श को आवश्यक समझते हुए उनके लिए इस मंच पर निःशुल्क व्यवस्था की गयी है। इसके लिए  40  वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग टिप्पणी के लिए छोड़ी गयी जगह पर अपने प्रश्न अपनी जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान के साथ भेज सकते हैं। जब से मैनें ब्लाग लिखना आरंभ किया है ,चर्चा करने के लिए बहुत से पाठकों ने अपनी जन्मकुंडली मुझे भेजी है , खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि समयाभाव के कारण उनका जवाब नहीं दे पायी। 40  वर्ष से अधिक उम्र के किसी पाठक ने यदि पहले अपनी जङमकुंडली भेजी हो और जवाब न मिला हो , तो पुनः एक बार भेज दें, जवाब दिया जाएगा।

 

 

 

 

 

Advertisements

About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि पाठकों के प्रश्न में पोस्ट और , टैग की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

18 Responses to 40 वर्ष से अधिक उम्रवालों के लिए तोहफा

  1. srigovind1 कहते हैं:

    namaskar..
    40 ke baad ka tohpha….. ?
    aap ke hisab se 40ki umar ke baad manushiya bekar ho jata hai…..sab kuchh bachho pe kendrit ho jata hai
    aap ka hi ek lekhh padha hu jisme aap ne likha ki gandhiji
    vachpeyi ji.manmohanji.umar ke 70saal ke baad hi uchhpad per pahuche hai………phir ye kia ?
    ye bhi jivan me saphalta ki paari hai.jo ub tak ghar pariwar ke karan piche chut gaye purii hogi
    kiu ki jivan ki kundali me 60saal tak shani 2 chakra guroo 5 chakra rahu-ketu lagbhag 4 chakra pure kar chuke hoge.
    aap apne aaspaas dekhiye 40-45 baad hi lagbhag aadmi makan banata hai .viyapar me saphal hota hai. job me tarraki pata hai chaye uske bachhe kuchh bhi bane kai loogo ne 50-60 ke baad hi achhi pustake likhi hai kiu ki shani +goru kia kia karate hai aap jaise mahan jotishi ko pata hi hai .

    sorry ke saath.

    dhaniyawad

    srigovind
    hyderabad

    ans– 40 varsh ke bad grahon ke sath na dene se aisa hota hai .achhe grah hon to pure jivan safalta milti hi rahti hai.

  2. सरिता कहते हैं:

    नमस्कार ,
    आपका आलेख पढा । लेकिन मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं हूं कि ४० के बाद व्यक्ति बेकार -लाचार और निरुद्देश्य हो जाता है । जीवन का हर दिन एक नया सबक है । कामयाबी और उद्देश्य को हासिल करने की ना तो कोई सीमा होती है और ना ही कोई उम्र । फ़िर सभी के जीवन के टारगेट अलग _अलग होते हैं । कया आप मेरी कुंड्ली की विवेच्ना कर सकेंगी ?

    जन्म लग्न मकर शनि और केतु
    द्वितिय स्थान कुंभ चन्द्र
    तीसरा मीन गुरु
    चतुर्थ मेष शुक्र
    पंचम व्रष सूर्य और बुध
    छ्ठा –
    सातवां कर्क मंगल और राहु

  3. gopal krishn agrawal कहते हैं:

    mera janm 20 june 1969 ko subah 09:47 me huaa ha janm sthan rajasthan me neemka thana me huaa ha jo jaipur se 100 km ha kripaya mujhe apne bussiness ke bare me bataye jee…….. dhanyawad

  4. vk jain कहते हैं:

    namste..my date of birth is 8 oct,1960..time 03:30a.m. n place of birth is rewari,harayana.m very worried about my business lately..plz guide me in watever way u can.i wuld like to know if u meet personally..if it is so then i wuld like to have an appointment…thank you!

  5. mohan lal soni कहते हैं:

    date of birth 25/11/1957 time 8.00am birth place jaipur

  6. ajay kumar gupta कहते हैं:

    my date of birth is 23/02/1964 and time is 03.15am,birth place baghput(U.P) please tell about future prospects

  7. PayworyVony कहते हैं:

    The response to local and national disasters is great but it’s a real shame that so many people take advantage of the negative situations.

    I mean everytime there is an earthquake, a flood, an oil spill – there’s always a group of heartless people who rip off tax payers.

    This is in response to reading that 4 of Oprah Winfreys “angels” got busted ripping off the system. Shame on them!
    http://www.cbsnews.com/blogs/2009/08/19/crimesider/entry5251471.shtml

  8. Qomi कहते हैं:

    Ремонт квартир. Покупка бетон
    Требуется каменщик
    http://build.su

  9. Aditi Mahajan कहते हैं:

    mera janam 13 February, 1985 ko morning 10.10. a.m. par chandigarh me hua hai. mera har kam dhere se hota hai. karan batay.

  10. inibraaccuppy कहते हैं:

    Всем привет!

    Недавно перед мной встала задача, куда деть накопишиеся европоддоны, или еще их называют Паллеты,
    Поддоны, Европаллеты Размеры 800*1200, 1000*1200- Это Тара Пром назначения.
    Немного предистории.
    Сам я работаю кладовщиком на складе. Нам приходит много продукции на Европоддонах,
    товар продаем а поддоны остаются, у нас встал вопрос куда их девать.
    Раньше мы их сжигали.
    Потом мне подсказали, что за поддоны можно получить деньги.
    Начал звонить по фирмам везде были цены низкие,
    потом друзья мне подсказали, что в Челябинске есть такая Контора “Уралсклад“,
    около 10 лет на Рынке Промышленной Тары с хорошей репутацией.
    Я нашел их сайт в интернет – http://www.uralsklad.ru и позвонил по тел. +7(351) 233-07-14.
    Буквально через час подъехал их представитель, Авто с Логотипом “Поддоны Челябинск“.
    Цены закупочные оказались самые высокие в г. Челябинске.
    Все цивилизовано грузчики загрузили Паллеты ешё и лом поддонов купили, расчитались на месте наличными.
    Про другие фирмы я узнавал либо Цены низкие, либо Бракуют много, да и денег от них не дождешься.

    Так что если у вас завалялись европоддоны, не торопитесь их выбрасывать, лучше обменяйте их на деньги.

  11. TonMomymn कहते हैं:

    hey

    just signed up and wanted to say hello while I read through the posts

    hopefully this is just what im looking for, looks like i have a lot to read.

  12. कृ्पया वर्ष 2012 में शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव बताएँ |

  13. deepak prasad कहते हैं:

    helo gruji my name is deepak prasad Date of brith 30 may1986. guruji mai bahut hardwork krne k baad bhi mai apne ambision me suces nahi ho pata pl give me adv ki mai kiya karon. & about my life ‘& mera life partner kaisa hoga lucky y unlucky.pl hlp me.thanks.

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s