भविष्यवाणियों में विविधता होती है न कि समरुपता ?

प्रश्न — कोलकाता से श्री मनीष कुमार पूछते हैं कि यदि ज्योतिष विज्ञान है तो सभी ज्योतिषियों की भविष्यवाणियों में विविधता क्यों होती है ?

 

उत्तर — हम सभी जानते हैं कि कोई भी शास्त्र या विज्ञान क्यों न हो , कार्य और कारण में सही संबंध स्थापित किया गया हो तो  निष्कर्ष निकालने में कोई गल्ती नहीं होती। इसके विपरित यदि कार्य और कारण में संबंध भ्रामक हो तो निष्कर्ष भी भ्रमित करनेवाले होंगे। ज्योतिष विज्ञान का विकास बहुत ही प्राचीन काल में हुआ। उस काल में कोई भी शास्त्र काफी विकसित अवस्था में नहीं था। सभी शास्त्रों और विज्ञानों में नए-नए प्रयोग कर युग के साथ साथ उनका विकास करने पर बल दिया गया , पर अफसोस  की  बात है कि ज्योतिष विज्ञान अभी भी वहीं है जहां से इसने यात्रा शुरू की थी । महर्षि जैमिनी और पराशर के द्वारा ग्रह शक्ति मापने और दशाकाल निर्धारण के जो सूत्र थे ,उसकी प्रायोगिक जांच कर उन्हें सुधारने की दिशा में कभी कार्य नहीं किया गया। अंधविश्वास समझते हुए ज्योतिष-शास्त्र की गरिमा को जैसे-जैसे धक्का पहुॅचता चला गया, इस विद्या का हर युग में ह्रास होता ही गया। फलस्वरुप यह 21वीं सदी में भी घिसट-घिसटकर ही चल रहा है। ज्योतिषियों की भविष्यवाणियों में अंतर का कारण  कार्य और कारण में पारस्परिक संबंध की कमी होना है। ग्रह-शक्ति निकालने के लिए मानक-सूत्र का अभाव है। ज्योतिष में कुल 10-12 सूत्र हैं ,सभी ज्योतिषी अलग अलग सूत्र को महत्वपूर्ण मानते हैं। दशाकाल निर्धारण का एक प्रामाणिक सूत्र है , पर उसमें एक साथ जातक के चार-चार दशा चलते रहतें हैं-एक महादशा , दूसरी अंतदशा, तीसरी प्रत्यंतर दशा और चैथी सूक्ष्म महादशा  इतने नियमों को यदि कम्प्यूटर में भी डाल दिया जाए , तो वह भी सही परिणाम नहीं दे पाता है , तो पंडितों की भविष्यवाणी में अंतर होना तो स्वाभाविक है। सभी ज्योतिषी अलग अलग दशा को महत्वपूर्ण मान लें तो सबके कथन में अंतर तो आएगा ही ।

 

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि प्रश्नोत्तर में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

3 Responses to भविष्यवाणियों में विविधता होती है न कि समरुपता ?

  1. Mohammad sharif Khan कहते हैं:

    Sir Meri Government Job kasi Aur Kab tak Lag jayegi. sir Meri Kismat may Kya-Kya hai. sir Meri Marriage ko 2 year ho gaye hai magar child nahi hai koi kahata hai pukraj pahano to koi kahata hai manik pahano Please give my a right information my life and Kismat
    Date of time 1:45 Pm
    Date of Place :- Morena (Madhya Pradesh)
    date of birht : 12-08-1975
    Name : Mohammad Sharif Khan

  2. gaurav कहते हैं:

    sir meri kundali me kya acha hai batao me bhut preshan huu kuch hai jo acha hai to marg darshan kare meri shadi hogi ya nahi kya kab hi kuch me acha kar paunga kuch income kar sakunga ya nahi. date of birth _24_05_1984 delhi,chandni chowk time 03:21 am

  3. rajkumar arora कहते हैं:

    Sir there is no source of earning. sir is no saving or assets in my back but i want to know that when my condition got suitable and improved
    Date of Place :- Moradabad (uttar pradesh)
    Date of time:-2:45 pm
    date of birht : 28-03-1969
    Name : Raj kumar arora

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