लग्‍न राशिफल 2014 (तुला लग्नवालों के लिए) lagna rashi fal 2014

लग्‍न राशिफल 2014 (तुला लग्नवालों के लिए)

1. नवंबर 2013 से चली आ रही समस्याएं जनवरी 2014 के प्रथम सप्ताह में अपने चरम सीमा पर होंगी , कुछ समस्याएं मार्च के पहले सप्ताह तक बनी रहेंगी! इस समय भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।

2. दिसंबर के तीसरे सप्ताह से चली आ रही समस्याओं की तीव्रता जनवरी के मध्य तक काफी बढी हुई होंगी , कुछ समस्याएं पूरे जनवरी बनी रहेंगी , इस समय स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।

3. जनवरी और फरवरी 2014 में धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

4. फरवरी के मध्य से मार्च के प्रथम सप्ताह तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

5. जनवरी के अंत से मार्च के मध्य तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। इस मध्‍य 7 फरवरी से 28 फरवरी तक इन मामलों की कोई बाधा उपस्थित रह सकती है।

6. फरवरी की शुरूआत से मार्च के अंत तक स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन काफी सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

7. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुरा वातावरण बना सकती हैं , कुछ समस्याएं मई के मध्य तक बनी रहेंगी! धन कोष की स्थिति अच्छी नहीं रहेगी , जिससे संतुष्टि का अहसास नहीं होगा। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी।

8. मार्च के मध्य से मई के मध्य तक भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है।

9. मार्च के प्रथम सप्ताह से मार्च के अंत तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबू ती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।

10. मार्च के प्रथम सप्ताह से चल रही समस्याएं मई के प्रथम सप्ताह तक काफी निराशा का वातावरण उपस्थित कर सकती है , कुछ समस्याएं जुलाई के मध्य तक बनी रहेंगी! माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्‍ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा हाथ आ सकती है! अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , इस कारण किसी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना कठिन रहेगा। संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा।

11. मार्च के अंत से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा , आत्मविश्वास भरपूर होगा। व्यक्तिगत गुणों से संतुष्टि बनी रहेगी , रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। पर काम अधिक नहीं हो पाएगा ।

12. अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधवों के मामलों में सुखद अहसास बनेगा। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकेगा। इसलिए अधिक तनाव नहीं होगा!

13. मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक धन की स्थिति मजबूत होगी , इसे मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा। ससुराल पक्ष का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।

14. मई के अंत से जुलाई के मध्य तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। इस बीच इन मामलों के लिए 8 जून से 1 जुलाई तक इन मामलों की थोडी कमजोरी दिखाई दे सकती है!

15. जुलाई के मध्य से पूरे वर्ष धन कोष की स्थिति अच्छी रहेगी , जिससे संतुष्टि का अहसास होगा , साख बना रहेगा। घर , गृहस्थी का वातावरण सुखद बनेगा, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सुखद जुडाव बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।

16. जुलाई मध्य से अगस्त के मध्य तक किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी। बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे , संतान पक्ष के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

17. जुलाई के मध्य से सितंबर के मध्य तक भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी। मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है।

18. अगस्त के मध्य से पूरे साल किसी कार्यक्रम में माता पक्ष को लेकर सुखद अहसास बनेगा, वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति का भी सुख प्राप्त होगा। पढाई लिखाई का वातावरण सुखद होगा , संतान के मामले भी सुखद महसूस होंगे। बुद्धि ज्ञान के अन्य मामलों में भी काम होता दिखेगा।

19. सितंबर के मध्य से लेकर नवंबर के प्रथम सप्ताह तक भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, , बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। इस मध्य इन मामलों के लिए 5 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक स्थिति कुछ कमजोर दिखेगी!

20. नवंबर के मध्य से दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा।

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About संगीता पुरी

नाम - संगीता पुरी , उम्र - 42 वर्ष , पढ़ाई - रांची विश्वविद्यालय से एम ए (अर्थ शास्त्र ) , विवाह - १२ मार्च १९८८ को पति - श्री अनिल कुमार ( डी वी सी में कार्यरत ), पुत्र - दो विपुल और विभास , दोनों डी पी एस बोकारो मैं विद्यार्थी , पता - ९४ , को-operative कॉलोनी ,बोकारो स्टील सिटी रूचि - ज्योतिष का गम्भीर अध्ययन-मनन करके उसमे से वैज्ञानिक तथ्यों को निकलने में सफ़लता पाते रहना , जो सिक्षा मुझे मेरे पिताजी ने डी है . प्रकाशित पुस्तकें - १. गत्यात्मक ज्योतिष : ग्रहों का प्रभाव . प्रकाशित लेख - the astrological मैगज़ीन , बाबाजी ,ज्योतिष-धाम आदि में . E-mail - gatyatmak_jyotish@yahoo.co.in
यह प्रविष्टि ज्योतिष में पोस्ट और , टैग की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

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